राजस्थान में 500 से ज़्यादा सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प

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Government Schhols rennoavtion

Udaipur Times, Rajasthan News: 5 जून 2026। राज्य सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों के भवनों का सुरक्षा की दृष्टि से सर्वे करवाया है। सर्वे के बाद री-सर्वे किया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर नए भवन निर्माण व रिपेयर की 5 साल की कार्य योजना बनाई गई है। इस वित्तीय वर्ष में लगभग 20 अरब रूपये के बजट से नए भवन निर्माण, अतिरिक्त सुविधाओं के विकास व मरम्मत कार्य होंगे।   Rajasthan News

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने बताया कि इस वित्त वर्ष में 500 से ज्यादा राजकीय विद्यालयों के नए भवनों का निर्माण होना है। सर्वे में कुछ ऐसे विद्यालय भवन मिले, जहां कोई कमरा विशेष ही खराब हालत में है और शेष बिल्डिंग पूरे मानकों पर खरी उतरी है। इसके अतिरिक्त कुछ विद्यालयों में नामांकन बढ़ने या अतिरिक्त विषय शुरू होने के कारण अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण की आवश्यकता है। प्रत्येक कक्षा कक्ष निर्माण के लिए 10 लाख रूपये बजट का आकलन किया गया है। विद्यालयों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था के  साथ शौचालय सुविधा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। Rajasthan News

सर्वे में यह आया सामने

सर्वे में सामने आया कि कुछ विद्यालयों के भवन 50 साल से भी अधिक पुराने हैं, ज्यादातर विद्यालय भवन निर्माण के समय प्लिंथ मानक का ध्यान नहीं रखा गया और ड्रेनेज सिस्टम सुचारू न होने से सीपेज, सीलन की समस्या आ गई है। 

अब उच्चमत मानकों की हो रही पालना

एसीएस राजेश यादव ने बताया कि नए भवन निर्माण में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाइडलाइन, बीआईएस के मानक और  विशेष योग्यजन अधिनियम, 2016 के बिन्दुओं की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जा रही है। 1 करोड़ रूपये से अधिक के निर्माण कार्य में ऑन साइट क्वालिटी कंट्रोल लैब, 30 लाख रूपये से अधिक के कार्य में सार्वजनिक निर्माण विभाग और नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड द्वारा चिन्हित ऐजेंसी द्वारा स्वतंत्र  गुणवत्ता परीक्षण करवाया जाना सुनिश्चित किया गया है। बिजली बचत और बच्चों के स्वास्थ्य विशेषकर आई साइट के लिए पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी की व्यवस्था की गई है। स्ट्रक्चर डिजाइन को राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा परीक्षण करने के बाद की स्वीकृति दी जा रही है। भवन की सुरक्षा और उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए आरसीसी फ्रेम डाला जा रहा है। दीवार और छत को वाटरप्रूफ बनाने पर बल है जिससे सीपेज और सीलन न हो। उपयुक्त ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। Rajasthan News

इस अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरूवार को सचिवालय में बैठक ली और इस अभियान को पूरी संवदेनशीलता और गम्भीरता से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण व मरम्मत कार्य में नवीनतम तकनीक, उच्चतम गुणवत्ता और समय सीमा की पालना करने के निर्देश दिए। Rajasthan News

अतिरिक्त संसाधन के साथ अतिरिक्त निगरानी और भागीदारी

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि विद्यालयों भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट मिलने से अधिक महत्वपूर्ण है, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों, सिविल सोसायटी, भामाशाह और इंडस्ट्री का विद्यालयों की  ज्यादा से ज्यादा निगरानी और उनसे जुड़ाव। इसके लिए सांसदगण व विधायकगण से निवेदन किया गया है कि वे अपने स्थानीय फंड से ये कार्य करवाएं। इससे निगरानी की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों को अपने फंड और विभिन्न योजनाओं से ये कार्य सीधे या कंवर्जेंस के माध्यम से करवाने के लिए बातचीत की गई है। मगरा, डांग जैसी क्षेत्रीय विकास योजनाओं के फंड से भी ये कार्य करवाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही डीएमएफटी और सीएसआर से भी फंड जुटाने का लक्ष्य है। एसीएस राजेश यादव ने इस संम्बंध में हाल ही में सीएसआर कमिश्नर के साथ बैठक भी की है जिसके सकारात्मक परिणाम ज्ल्द मिलने की उम्मीद है।

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