लोकसभा में सांसद मन्नालाल रावत की बड़ी मांग, जर्जर सरकारी भवनों के लिए बने राष्ट्रीय SOP

 | 
MP Mannalal Rawat

 

Udaipur Times, Lok Sabha News: उदयपुर सांसद डाॅ मन्नालाल रावत ने देश भर में कई सारे सरकारी भवनों के जर्जर होने पर लोकसभा में चिंता जताई है और कहा कि इसके लिए जर्जर भवनों के उपयोग पर रोक लगाने और उन्हें ध्वस्त करने की कोई एक समान नीति नहीं है जिससके कारण परेशानी का सामना करना पडता है। सांसद डाॅ रावत ने जर्जर भवनों के उपयोग से लेकर ध्वस्त करने तक की एक समान नीति तय करने का लोकसभा में आग्रह किया।

सांसद डाॅ रावत ने लोकसभा में नियम 377 के अधीन मामला उठाते हुए कहा कि देशभर में अनेक सरकारी भवन, जैसे विद्यालय, चिकित्सालय, आंगनवाड़ी केन्द्र, सरकारी आवास, विभिन्न विभागीय कार्यालय आदि अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। इन भवनों का समय पर तकनीकी परीक्षण, ध्वस्तीकरण एवं पुनर्निर्माण नहीं होने से ये जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। 

विशेषकर मानसून के दौरान भारी वर्षा के कारण ऐसे भवनों के ढहने से अनेक स्थानों पर जन-धन की बड़ी हानि होती है। ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में अनुपयोगी जर्जर भवन जंगली जानवरों, विषैले जीव-जंतुओं तथा असामाजिक तत्वों का आश्रय स्थल भी बन जाते हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। वर्तमान में जर्जर सरकारी भवनों की पहचान, संरचनात्मक सुरक्षा मूल्यांकन, उपयोग पर रोक, ध्वस्तीकरण, मलबा निस्तारण एवं पुनर्निर्माण के लिए देशभर में कोई एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) उपलब्ध नहीं है। इसके अभाव में आवश्यक कार्रवाई में विलंब होता है तथा दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।

सांसद डाॅ रावत ने सरकार से आग्रह किया कि सभी जर्जर सरकारी भवनों के लिए एक समान, समयबद्ध एवं उत्तरदायित्व आधारित राष्ट्रीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) एवं नई योजना बनाई जाए, जिसमें नियमित सुरक्षा ऑडिट, ध्वस्तीकरण, पुनर्निर्माण तथा आवश्यक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएँ, ताकि जन-धन की सुरक्षा एवं सरकारी परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News