उदयपुर 14 अक्टूबर 2024। गीतांजली इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्निकल स्टडीज डबोक उदयपुर में नौकरी करने के बजाय नौकरी देना सीखें, इसी के तर्ज पर भारत सरकार के अन्तर्गत आने वाले एम.एस.एम.ई. (माइक्रो, स्माल, एवं मिडियम इन्टरप्राईजेज) एवं गिट्स के संयुक्त तत्वाधान में एम.एस.एम.ई. आईडियाथाॅन 4.0 कार्यक्रम का प्रथम चरण पिचिंग सेशन सम्पन्न हुआ।
संस्थान निदेशक डाॅ. एन. एस. राठौड ने बताया कि आज के परिपेक्ष्य में उद्यमी की तरह सोचना एवं बनना अतिआवश्यक हो गया हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं को स्टार्टअप एवं अन्र्तप्रन्योरशिप के लिए प्रोत्साहित करना पडेगा। यह कार्यक्रम छात्रों व अन्य लोगों को स्टार्टअप की ओर कदम बढ़ाने व उनको प्रोत्साहित करने का एक प्रयास हैं। जो उनको अपनी इनोवेशन के साथ न्याय करने और उसे आगे ले जाने के लिए प्रदान करती हैं। शोध का सही मूल्य तब होता है जब उसे वास्तविक समस्याओं के समाधान में बदला जा सके। स्टार्टअप की शुरूआत एक चुनौतिपूर्ण काम हो सकता हैं, लेकिन एम.एस.एम.ई. जैसी संस्थाओं की मदद से यह काम न केवल आसान होता है, बल्कि सफलता की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
कार्यक्रम में छात्रों ने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, पर्यावरण संरक्षण आदि पर स्मार्ट समाधान प्रस्तुत किये। विशेषज्ञों ने छात्रों को न केवल तकनीकी सहायता प्रदान करने का वादा किया बल्कि वित्तिय मदद, बिजनेस माॅडलिंग और बाजार की समझ जैसे आवश्यक घटकों पर भी मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. विशाल जैन के अनुसार इस इनोवेटिव कार्यक्रम में गिट्स व अन्य संस्थान की टीमों सहित कुल 36 टीमों ने प्रतिभाग किया। जिसे एम.पी.यू.टी. के इमरटियस सांइटिस्ट एवं फोर्मर प्रोफेसर डाॅ. एस.एम. माथुर, आई. स्टार्ट उदयपुर के डिप्टी डायरेक्टर मनोज विश्नोई एवं एम.एस.एम.ई. उदयपुर के असिस्टेंट डायरेक्टर गणेश एम. जैसे तीन जजों के पैनल के गहन विश्लेषण के बाद इन चयनित आईडियाज को आगे एम.एस.एम.ई. भारत सरकार को भेजा जायेगा। जहां पर चयनित आईडियाज को भारत सरकार द्वारा 15 लाख का फण्ड प्रदान किया जायेगा।
इस अवसर पर वित्त नियंत्रक बी.एल. जांगिड ने कहा कि अपने इनोवेशन के साथ न्याय करे जोखि उठाये और हार से कभी ना डरे क्योंकि असली सीख हार से ही आती हैं। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. मयंक पटेल द्वारा दिया गया तथा संचालन डाॅ. शिवानी शर्मा द्वारा किया गया।