राजस्थान में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को IAS-RAS तैयारी के लिए सरकार देगी ₹1 लाख तक की सहायता
Udaipur Times, Rajasthan News: 9 जुलाई 2026 । राजस्थान सरकार के श्रम विभाग द्वारा भवन एवं अन्य संनिर्माण कार्यों में लगे पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा और विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल की गई है। विभाग द्वारा निर्माण श्रमिक एवं उनके आश्रित बच्चों द्वारा भारतीय/राजस्थान प्रशासनिक सेवा हेतु आयोजित प्रारम्भिक प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे होनहार छात्रों को प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। Rajasthan News
यह मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 1,00,000 (एक लाख रुपये) की सहायता राशि तथा राजस्थान प्रशासनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपए की सहायता राशि देय है। यदि कोई अभ्यर्थी दोनों परीक्षाओं की प्रारंभिक स्टेज को पास करता है, तो उसे दोनों के लिए अलग-अलग निर्धारित राशि दी जाएगी। यह लाभ भारतीय प्रशासनिक सेवा और राजस्थान प्रशासनिक सेवा के लिए अधिकतम एक-एक बार ही देय होगा। राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों की प्रशासनिक सेवाओं के लिए यह लाभ मान्य नहीं होगा। Rajasthan News
यह हैं पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रताएं तय की गई हैं। अभ्यर्थी के माता या पिता मण्डल/विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक (हिताधिकारी) होने चाहिए और उनका अंशदान निरंतर जमा होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी के माता-पिता की कुल वार्षिक आय 2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए, जो अभ्यर्थी पहले से ही किसी राजकीय सेवा (सरकारी नौकरी) में कार्यरत हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। Rajasthan News
आवेदन की समय-सीमा और जरूरी दस्तावेज
सहायक श्रम आयुक्त महेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग या राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने की तिथि से 6 महीने के भीतर इसके लिए आवेदन करना अनिवार्य है। आवेदन के साथ हिताधिकारी (श्रमिक) के पंजीयन परिचय पत्र की प्रति, हिताधिकारी के आधार कार्ड और जन आधार कार्ड की प्रति, अभ्यर्थी के बचत बैंक खाता पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति, उत्तीर्ण की गई प्रतियोगी परीक्षा की अंकतालिका या प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित प्रति अनिवार्य है। श्री राठौड़ के अनुसार, आवेदन में दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह सत्य होनी चाहिए। यदि कोई तथ्य असत्य पाया जाता है, तो स्वीकृत की गई समस्त राशि ब्याज सहित एकमुश्त वापस जमा करानी होगी। पात्र श्रमिक वर्ग इस योजना का लाभ उठाने के लिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। Rajasthan News
