उदयपुर: तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रासंफर की मांग तेज, शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
Udaipur Times, Udaipur Education News:अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) की बड़गाँव ‘अ’ एवं बड़गाँव ‘ब’ इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से तृतीय श्रेणी अध्यापकों के वर्षों से लंबित स्थानांतरण एवं विद्यालय, शिक्षक तथा शिक्षा से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए।
महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी, बड़गाँव, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, बड़गाँव, तहसीलदार, बड़गाँव, विकास अधिकारी, बड़गाँव तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जिला उदयपुर के जिला अध्यक्ष को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर तृतीय श्रेणी अध्यापकों के वर्षों से लंबित स्थानांतरण शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि लंबे समय से तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण नहीं होने के कारण प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षक वर्ग मानसिक, पारिवारिक एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। राज्य के अन्य विभागों एवं अन्य शिक्षक संवर्गों के स्थानांतरण समय-समय पर किए जाते रहे हैं, जबकि तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण वर्षों से लंबित हैं। इससे शिक्षकों में निराशा एवं असंतोष का वातावरण व्याप्त है तथा नीति में असमानता का भाव उत्पन्न हो रहा है।
महासंघ ने मांग की कि तृतीय श्रेणी अध्यापकों के लिए यथाशीघ्र पारदर्शी एवं न्यायसंगत स्थानांतरण नीति लागू की जाए। मेरिट आधारित स्थानांतरण, पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण की सरल व्यवस्था, पति-पत्नी को एक ही जिला अथवा ब्लॉक में पदस्थापन, महिला शिक्षिकाओं, दिव्यांग एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को प्राथमिकता तथा विद्यालयवार रिक्त पदों की सूची सार्वजनिक कर स्थानांतरण प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया जाए।
इसी क्रम में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, बड़गाँव को विद्यालय, शिक्षक एवं शिक्षा से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु पृथक ज्ञापन भी सौंपा। महासंघ ने कहा कि विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं का समयबद्ध निराकरण होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिलेगा तथा शिक्षकों को अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सुविधा होगी।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उपर्युक्त सभी मांगें केवल शिक्षक हित तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विद्यालयों की समुचित व्यवस्था से भी सीधे जुड़ी हुई हैं। उन्होंने प्रशासन एवं राज्य सरकार से इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार तृतीय श्रेणी अध्यापकों की वर्षों पुरानी न्यायोचित मांगों तथा विद्यालय एवं शिक्षा संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के हित में प्रभावी निर्णय लेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) की बड़गाँव ‘अ’ एवं बड़गाँव ‘ब’ इकाइयों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
