गायन में झलकी उदियमान कालकारों की प्रतिभायें

तीन दिवसीय उदियमान कलाकार प्रतियोगिता प्रारम्भ
 
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उदयपुर। महाराणा कुंभा संगीत परिषद एवं डाॅ.यशवंत कोठारी चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय उदियमान कलाकार प्रतियोगिता (सीनियर वर्ग) आज से सरदारपरुा सिथत कुंभा भवन में प्रारम्भ हुई। प्रथम दिन गायन क्षेत्र में उभरती प्रतिभाओं ने मजबूती के साथ अपनी प्रस्तुतियां दे कर इस क्षेत्र में अपने सुखद भविष्य का संकेत दिया।

समारोह की शुरूआत संजोगसिंह अरोड़़ा ने राग जोनपुरी के साथ अपने कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर उन्होंने बड़ा खयाल में बंदिश पायल की झनकार...,छोटा ख्याल में बाजे रे बेनरियां... की प्रस्तुति देकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। 

तत्पश्चात विशाल माथुर ने राग जय-जयवंती में बड़ा ख्याल एक ताल विलम्बित की बंदिश लरा माई सजनी.... तथा छोटा ख्याल मोरे मन्दर अब लो नहीं आवें...., खूशबू वैन्स ने अहीर भैरव में बड़ा खयाल में बंदिश साचो साहेब मोरा..... तथा छोटा ख्याल में सजन नहीं आए..., रिति पर्णा दत्ता ने राग बागेश्वरी में बड़ा ख्याल में बोल काहे बांधे रे मायें.....तथा छोटा ख्याल में कौन करत तोरी बिनती...., सिद्धार्थ त्रिपाठी ने राग यमन में बड़ा ख्याल के बोल सुमिरन कर लें.... , छोटा ख्याल में सुमिरन कर लें मेरे मना..., अनमोल सचदेवा ने राग तोड़ी में बड़ा खयाल में एक ताल विलम्बित रचना जा-जा रे ......., छोटा ख्याल तीन ताल मध्यलय में मोरा तुम बिन जीया ना लागे...., नन्दकिशोर अग्रवाल ने राग मुलतानी में बड़ा खयाल में एक ताल बिलम्बित रचना ए गोकुल गांव...., छोटा खयाल एक ताल दु्रत में नैनन में आन-बान....., विधि शर्मा ने राग नट भैरव में बड़ा ख्याल एक ताल में समझत ना हीं...तथा छोटा खयाल में गुणीजन बखानी...की प्रस्तुति दे कर सभी का मन मोह लिया।

इसके अलावा कार्यक्रम में राकेश कण्डारा, सौरव वशिष्ठ, भुवन शर्मा, अक्षत शर्मा, धर्मेन्द्रसिंह गौड़, जुगलकिशोर, सुरभि शर्मा, पंकज कोली, पवन सुवालका, विक्रम श्रीवास्तव, मुस्कान कोटवानी, उर्मिला राव, अलंकार गोस्वामी तथा प्रखर जोजन ने भी अपने सुरीले कंठ से दी गई अपनी प्रस्तुति से सभी को मोहित कर लिया।  

प्रारम्भ में प्रतियोगिता के संयोजक डी पी. धाकड़ ने महाराणा कुंभा संगीत परिषद की यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को वादन तथा 15 को नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी।

परिषद के सचिव डाॅ. यशवन्तसिंह कोठारी ने बताया कि इन प्रतियोगिता की सफलता इसी बात से लगती है कि इन प्रतियोगिताओं में अब उदयपुर ही नहीं वरन् प्रदेश के विभिन्न शहरों से प्रतिभागी भाग लेकर आपनी प्रतिभा को निखारनें में लगे है। समारोह में सुशील दशोरा, डाॅ. प्रेम भण्डारी, मुख्य अतिथि पूर्व आरएएस अधिकारी दिनेश कोठारी, विशिष्ठ अतिथि इकबाल सागर आज की निर्णायिका निर्मला सनाढ्य, उषा सनाढ्य मौजूद थी।

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