श्रीदेवी और ऋषि कपूर पर फिल्माए गए इस गाने की गूंज हरे-भरे खेतों में खूब गूंजी थी, क्या आपने सुना है ये गाना
Ye Jeevan Jitni Baar Mile : जब बॉलीवुड संगीत की बात होती है, तो चर्चा अक्सर रोमांटिक गानों, दिल को छू लेने वाले गानों या पार्टी ट्रैक्स के इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि, 90 के दशक का एक गाना ऐसा भी था जो उस दौर के माता-पिता का पसंदीदा बन गया एक ऐसा गाना जिसे वे आज भी सुनते हैं।
90 के दशक के माता-पिता का पसंदीदा गाना
जब यह गाना रिलीज़ हुआ, तो इसके बोल उस समय के माता-पिता के दिलों को छू गए। यह गाना खूबसूरती से उस इच्छा को ज़ाहिर करता है कि अगर ज़िंदगी दोबारा जीने का मौका मिले, तो इंसान हर बार अपने साथी से वही प्यार पाना चाहेगा। गाने के बोल हैं: "ये जीवन जितनी बार मिले, हर बार मुझे तेरा प्यार मिले" (चाहे मैं यह ज़िंदगी कितनी भी बार जीऊँ, मुझे हर बार तुम्हारा प्यार मिले)। इसका मतलब है कि प्रेमी हर जन्म में एक-दूसरे का प्यार पाना चाहते हैं। यह गाना श्रीदेवी और ऋषि कपूर पर फ़िल्माया गया था।
खेतों के बीच फ़िल्माया गया
खेतों, नदी के किनारों और पथरीले इलाकों की पृष्ठभूमि में शूट किए गए इस गाने को अलका याग्निक और मोहम्मद अज़ीज़ की आवाज़ों ने जीवंत कर दिया। इसके अर्थपूर्ण बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे, जबकि संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने तैयार किया था। यह सदाबहार गाना फ़िल्म *बंजारन* का है, जिसमें ऋषि कपूर और श्रीदेवी की मशहूर जोड़ी नज़र आई थी। इस युगल गीत (डुएट) में मोहम्मद अज़ीज़ की भावपूर्ण आवाज़ और अलका याग्निक की सुरीली आवाज़ का मेल है, जो इसे 90 के दशक की शुरुआत के सबसे यादगार रोमांटिक गानों में से एक बनाता है।
'बंजारन' की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित थी
फ़िल्म में श्रीदेवी ने रेशमा का किरदार निभाया है, जो बंजारा कबीले के सरदार मलिक (सुधीर पांडे) की निडर बेटी है। हर अमावस्या की रात, रेशमा को एक डरावना सपना आता है जिसमें कुछ बदमाश उसका पीछा करते हैं और उसे मार डालते हैं।
इसी बीच, असल ज़िंदगी में उसका कबीला राणा उदयभान सिंह सिसोदिया की ज़मीन पर डेरा डालता है। वहां रेशमा की मुलाक़ात राणा के बेटे कुमार सिंह (ऋषि कपूर) से होती है। उनके बीच एक अजीब सा आकर्षण पैदा होता है, और कुमार से मिलने के बाद रेशमा के डरावने सपने चमत्कारिक रूप से बंद हो जाते हैं। कुमार को पता चलता है कि रेश्मा से मिलने से पहले ही उसने उसकी तस्वीर बनाई थी, और बाद में उन्हें एहसास होता है कि पिछले जन्म में शादी करने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी।
दोनों के पिता इस रिश्ते का ज़ोरदार विरोध करते हैं। रेश्मा की सगाई पहले ही शक्ति सिंह (गुलशन ग्रोवर) नाम के एक आदिवासी युवक से हो चुकी है, जबकि कुमार की शादी नेहा नाम की लड़की से होने वाली है।
अपने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ जाकर, रेश्मा और कुमार भाग जाते हैं और एक पुरानी हवेली में पनाह लेते हैं यह जगह उनके पिछले जन्म की किस्मत से जुड़ी है। क्या रेश्मा और कुमार अपने पिछले जन्म की किस्मत को बदल पायेंगे? क्या वे एक हो पायेंगे, या फिर एक बार फिर अलग हो जायेंगे? यह जानने के लिए फिल्म देखनी होगी।