वर्ल्ड वेटलैंड डे पर बर्ड विलेज मेनार में हुआ कार्यक्रम


वर्ल्ड वेटलैंड डे पर बर्ड विलेज मेनार में हुआ कार्यक्रम

पक्षियों के लिए वेटलैंड संरक्षण व विकास में धन की कमी न रहेगी - विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत

 
world wetland day
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उदयपुर 2 फरवरी 2022  । बर्ड विलेज मेनार के दोनों तालाब वर्षों से पक्षियों के लिए संरक्षित हैं, इनके पर्यावरण  व पर्यटन दृष्टि से विकास के लिए योजनाबद्ध प्रयास किये जायेंगे। इसके विकास के लिए किसी प्रकार से धन की कमी नहीं आएगी। यह विचार वल्लभनगर विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने बुधवार को बर्ड विलेज मेनार में आयोजित वर्ल्ड वेटलैंड डे के जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि बर्ड विलेज के तालाबों का विकास पर्यावरणीय दृष्टि से विभागीय अधिकारियों की देखरेख में ही किया जाएगा। उन्होंने पर्यटन दृष्टि से इन तालाबों के विकास के साथ ही गांव में ट्रोमा सेंटर  विकसित करने के लिए आश्वासन दिया। विधायक शक्तावत ने तालाब के मध्य से निकल रही हाईटेंशन लाइन और सीवर लाइन को स्थानांतरित करने के लिए प्रयास करने की बात कही ।

विकास व संरक्षण के लिए बनेगा मेनेजमेंट प्लान : कलक्टर

इस मौके पर जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने कहा कि राजस्थान की समृद्ध परंपरा पशु पक्षियों के संरक्षण की रही है इसी दृष्टि से मेनार तालाब के विकास के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय है। कलक्टर मीणा ने कहा कि तालाब के सुव्यवस्थित विकास के लिए मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा।  

कलेक्टर ने इसे वेटलैंड के रूप में नोटिफाइड करवाने के लिए कार्य योजना तैयार कर प्रयास करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़ कार्यकाल दौरान 3 वेटलैंड्स को को चिन्हित किया गया था वहीं उदयपुर में मेनार  तालाब को चिन्हित किया गया है अब इसे वेटलैंड्स रूप में नोटिफिकेशन के लिए प्रयास किए जाएंगे । 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने कहा कि मेनार तालाब समृद्ध तालाब है और इसे 1 माह के भीतर ही वेटलैंड घोषित करवाने के प्रयास किए जाएंगे उन्होंने राजस्थान की दो रामसर साइट के बाद मेनार को तीसरी रामसर साइट घोषित करवाने के लिए कार्रवाई करने को आश्वस्त किया।  

उन्होंने कहा कि वेटलैंड के विकास के लिए पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि इससे यहाँ रहने वाले पशु पक्षी प्रभावित न हो।  उन्होंने अजमेर की आनासागर और डूंगरपुर की गैप सागर झील के चारों तरफ सड़क बनाए जाने के कारण वहां हुए विनाश की भी जानकारी दी और इस प्रकार के विकास से बचने की सलाह दी। 

इस मौके पर ख्यातनाम पक्षी वैज्ञानिक और मेनार को आईबीए घोषित कराने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले डॉक्टर सतीश शर्मा ने विचार व्यक्त किए और इसे रामसर साइट घोषित करवाने के लिए किए गए संकल्प की सराहना की। कार्यक्रम को वल्लभनगर प्रधान देवीलाल नगारची, सीसीएफ आरके जैन ने भी संबोधित किया। इस दौरान  मेनार वेटलैंड विषय पर तैयार की गई एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। 


विधायक और कलक्टर ने की बर्ड वाचिंग

इससे पूर्व नगर विधायक श्रीमती प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत और जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा के साथ विभिन्न जनप्रतिनिधियों अधिकारियों तथा ग्रामीणों ने बर्डवाचिंग की। पक्षीविद डॉ सतीश शर्मा, विनय दवे ने दी तालाब और पक्षियों की जानकारी दी। इस दौरान तालाब में बड़ी संख्या में जलक्रीडा कर रहे स्थानीय और प्रवासी परिंदों को देख अतिथि अभिभूत हो उठे।  यहां पर मेनारवासियों ने कहा कि पक्षी संरक्षण की पुरखों की परंपरा को अक्षुण्ण बनाये रखेँगे। ग्रामीणों ने तालाब के विकास के लिए सहयोग का आह्वान किया। 

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम दौरान प्रधान देवीलाल नगारची, सीसीएफ आरके सिंह, आरके खेरवा, आरके जैन, अजित ऊंचोई, मुकेश सैनी, डीके तिवारी, उपखंड अधिकारी श्रवणसिंह राठौड़, पक्षी प्रेमी महेश शर्मा, विनय दवे, विधान द्विवेदी, उमेश मेनारिया सहित विभागीय अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दर्शन मेनारिया ने किया जबकि आभार प्रदर्शन की रस्म डीके तिवारी ने अदा की।

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