बच्चों और अभिभावकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता की नई पहल
उदयपुर 11 सितंबर 2025। उदयपुर रेंज पुलिस ओर यूनिसेफ राजस्थान के तत्वावधान में संचालित पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम अंतर्गत साइबर सुरक्षा जागरूकता विषयक पोस्टर का विमोचन गुरुवार को पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव ने किया। यह विमोचन राजस्थान पुलिस अकादमी की ओर से उदयपुर के पुलिस लाइन सभागार में जेंडर संवेदनशीलता के मामलों में पुलिस की भूमिका विषय पर मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किया गया।
आईजी श्रीवास्तव ने कहा कि आज के दौर में साइबर अपराध की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए हमे बच्चों एवं उनके अभिभावकों को जागरूक करने की महती आवश्यकता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और चित्तौड़गढ़ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला, पुलिस उपाधीक्षक चेतना भाटी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष यशोदा पणिया, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के.के.चन्द्रवंशी, आरपीए की कोर्स डायरेक्टर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ममता सारस्वत व सहायक कोर्स डायरेटर पुलिस इंस्पेक्टर धीरज वर्मा, यूनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार सिन्धु बिनुजीत UNFPA की श्रेया आदि मौजूद रहे।
बाल संरक्षण सलाहकार सिन्धु बिनुजीत ने बताया है कि इस पोस्टर का विषय “साइबर सुरक्षाः सावधानी से ही संभव है सुरक्षित भविष्य“ रखा गया हैं। इस पोस्टर में बताया है कि साइबर सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं अंक, चिन्ह, अक्षर (लगभग 12 अक्षर) शामिल हो, अतिरिक्त सुरक्षा के लिए टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन अपनाएं किसी भी लिंक, ईमेल या मैसेज पर क्लिक करने से पहले जांच लें। बैंक, यूपीआई और सोशल मीडिया अकाउंट पर नियमित रूप से निगरानी रखे। स्क्रीन शॉट लें, संदेश सहेंजे तथा साक्ष्य सुरक्षित रखें।
इसके साथ ही यह भी बताया है कि व्यक्ति अपना आधार, पैन, पासवर्ड, पिन या ओटीपी अंजाम व्यक्ति या अनजान नंबर पर कभी न बताएं। अनजान लिंक व इमेज पर क्लिक न करें। पब्लिक वाई फाई से लेन-देन न करें और लॉटरी, नौकरी जैसे लुभावने ऑफ़र पर भरोसा न करें।
इस पोस्टर में यह भी बताया है कि साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धमकी या मज़ाक उड़ाना, ऑनलाइन ग्रूमिंग, फर्जी लिंक/ईमेल से पासवर्ड और बैंक डिटेल चोरी, सेक्सटिंग आपत्तिजनक फोटो/वीडियो साझा करना, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, पहचान की चोरी नकली प्रोफाइल बनाकर बदनाम करना, ऑनलाइन ब्लैकमेल डराकर पैसा या निजी जानकारी लेना आदि साइबर अपराध है। साथ की साइबर सुरक्षा संबंधित कानून में सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, भारतीय न्याय संहिता, 2023 में वर्णित धाराएं व ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 में विभिन्न प्रावधान बताए हैं। इस पोस्टर में यह भी बताया है कि साइबर सुरक्षा के लिए आमजन भारतीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in और साइबर हेल्पलाइन नंबर टोल फ्री नंबर 1930 पर सम्पर्क कर सकते है।
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