बारिश के बावजूद हरियाली अमावस्या मेले के पहले दिन उमड़ा जनसैलाब
Udaipur Times, Hariyali Amavasya Mela: विश्व प्रसिद्ध झीलों की नगरी उदयपुर में हरियाली अमावस्या के अवसर पर सहेलियों की बाड़ी एवं फतहसागर झील किनारे आयोजित दो दिवसीय मेले में बुधवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहरवासियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आए महिला-पुरुषों ने मेले में पहुंचकर खरीदारी, झूलों और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का जमकर आनंद लिया। रंग-बिरंगे परिधानों में पहुंचे मेलार्थियों से मेला स्थल पर दिनभर उत्सवी माहौल बना रहा।

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि हरियाली अमावस्या मेले के पहले दिन महिलाओं एवं पुरुषों दोनों ने जमकर आनंद लिया। मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा, सफाई, यातायात, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। आयुक्त ने बुधवार को मेला स्थल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
आयुक्त अभिषेक खन्ना के अनुसार फतहसागर पाल पर मेलार्थियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र एवं लोक कला मंडल की ओर से कठपुतली, राजस्थानी लोकगीत, कालबेलिया नृत्य सहित विभिन्न लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। पुलिस बैंड की मनमोहक धुनों ने भी मेलार्थियों का खूब मनोरंजन किया।

बारिश ने बढ़ाई हरियाली अमावस्या की रौनक
हरियाली अमावस्या के अवसर पर बुधवार को सुबह से ही शहर में रुक-रुककर हो रही तेज एवं धीमी बारिश ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया। सावन की फुहारों के बीच मेले में पहुंच रहे शहरवासियों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। बारिश के चलते मौसम खुशनुमा हो गया और चारों ओर हरियाली ने मेले के पारंपरिक स्वरूप को और आकर्षक बना दिया।

सुबह से ही बड़ी संख्या में शहरवासी परिवार सहित मेले में पहुंचने लगे। बारिश की फुहारों के बीच लोगों ने मेले में विभिन्न झूलों, खान-पान की दुकानों और मनोरंजन के साधनों का आनंद लिया। महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लोग बारिश से बचने के लिए छतरियां लेकर मेले में पहुंचे, वहीं कई लोगों ने सावन की बारिश का खुलकर आनंद लिया।

रंग-बिरंगे परिधानों में पहुंचे मेलार्थी
हरियाली अमावस्या मेले में शहरवासियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पारंपरिक और रंग-बिरंगे परिधानों में पहुंचे। लोगों ने पुपाड़ी बजाकर मनोरंजन किया। महिलाओं, युवाओं एवं परिवारों ने मोबाइल से सेल्फी और फोटो लेकर मेले की यादों को संजोया।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद, 10 बच्चों को परिजनों से मिलवाया
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से व्यापक इंतजाम किए। होमगार्ड जवानों के साथ सादी वर्दी में पुलिस जवानों को भी तैनात किया गया। मेले के दौरान परिजनों से बिछड़े 10 बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों से मिलवाया गया। इसके लिए नगर निगम की विशेष टीम तैनात रही। बच्चे को परिजन को सौंपने से पहले निगम कर्मचारियों द्वारा बच्चे एवं परिजन का फोटो लेकर पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।

रात्रि 10 बजे तक आयोजित हुआ मेला
जिला प्रशासन द्वारा मेले का समय रात्रि 10 बजे तक निर्धारित किया गया था। रात्रि 9:30 बजे से मेला कार्यालय द्वारा माइक के माध्यम से दुकानदारों एवं झूला संचालकों को ग्राहकों के लिए गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्धारित समय तक मेला व्यवस्थित रूप से समाप्त किया जा सके।

आज महिलाओं के लिए रहेगा मेला
मेले के दूसरे दिन गुरुवार को केवल महिलाओं का प्रवेश रहेगा। मेले में कोई भी पुरुष प्रवेश नहीं कर सके व महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विभिन्न स्थानों पर निगम की टीमें तैनात रहेंगी तथा सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।

All Photos Credit by: Kamal Kumawat
