बागोर की हवेली में एचिंग एवं सेरीग्राफी कार्यशाला 19 मई से
उदयपुर 16 मई 2026। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा बागोर की हवेली के ग्राफिक स्टूडियो में मंगलवार से सात दिवसीय एचिंग एवं सेरीग्राफी कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि बागोर की हवेली के ग्राफिक स्टूडियो में 19 मई मंगलवार से सात दिवसीय एचिंग एवं सेरीग्राफी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में विभिन्न कॉलेजों के करीब 30 प्रतिभागी भाग लेंगे। यह कार्यशाला सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक चलेगी। इस कार्यशाला के विशेषज्ञ गुजरात के दुष्यंत पटेल प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगे।
एचिंग
धातु पर नक्काशी पारंपरिक रूप से एक मुद्रण विधि है। सबसे पहले धातु की प्लेट (जैसे तांबा या जस्ता) पर अम्ल-प्रतिरोधी मोम या वार्निश की परत चढ़ाई जाती है। इसके बाद, नुकीली सुई से मोम पर डिज़ाइन खरोंचा जाता है। उसके बाद प्लेट को एसिड (अम्ल) में डुबोया जाता है। एसिड खरोंचे हुए खुले स्थानों की धातु को गला देती है, जिससे वहां गहरे गड्ढे बन जाते हैं। उसके बाद मोम को साफ कर खांचे में स्याही भरी जाती है और रोलर मशीन द्वारा कागज पर दबाव डालकर उसकी छाप (प्रिंट) निकाली जाती है।
सेरीग्राफी
सेरीग्राफी एक स्टेंसिल आधारित प्रिंटिंग तकनीक है, जिसे आम बोलचाल में सिल्क स्क्रीन प्रिंटिंग या स्क्रीन प्रिंटिंग कहा जाता है। सबसे पहले एक महीन जाली (पहले रेशम की, अब नायलॉन या पॉलिएस्टर) को एक फ्रेम पर कस कर खींचा जाता है। उसके बाद डिजाइन के अनुसार स्क्रीन के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी सभी हिस्सों को ब्लॉक कर दिया जाता है। स्क्रीन को कागज या कपड़े के ऊपर रखा जाता है और स्क्रीन के ऊपर स्याही डालकर एक स्कूजी की मदद से दबाव डाला जाता है। हर रंग के लिए एक अलग स्क्रीन या स्टेंसिल का उपयोग किया जाता है। इसमें स्याही की एक मोटी और अपारदर्शी परत चढ़ती है, जिससे रंग काफी गहरे और चमकीले दिखाई देते हैं।
#BagoreKiHaveli #Udaipur #EtchingWorkshop #Serigraphy #ScreenPrinting #ArtWorkshop #GraphicArt #WZCC #RajasthanCulture #UdaipurEvents #Printmaking #BagoreKiHaveliUdaipur
To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on GoogleNews | Telegram | Signal
