सेंट्रल जेल में गवरी का आयोजन
गवरी के सभी नृत्य एवं खेलों में बंदियों द्वारा ही अभिनय किया गया
उदयपुर 1 सितंबर 2025। केन्द्रीय कारागृह उदयपुर में 31 अगस्त 2025 को गवरी का आयोजन किया गया। गवरी नृत्य में विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया। गवरी का शुभारंभ गणपति जी की प्रस्तुति से किया गया। प्रमुख रूप से बड़ला,(बड़ का पेड़) गाडोलिया लोहार, कानजी महाराज, राजा रानी का खेल, भोपा और भोपी का खेल, नाथू भाया कॉमेडी खेल आयोजित किए गए।
बड़ला में बड़ का पेड़ देवी अम्बा के द्वारा लगाया जाता है जिसे राजा अपने गुरु के कहने से कटवा देता है, पेड़ काटने से देवी अम्बा नाराज होती हैं और राजा का सर काट देती हैं। इस खेल के मंचन से पर्यावरण की शिक्षा दी गई है, कि पेड़ों को नहीं काटा जाना चाहिए पेड़ हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। इसी तरह कालू कीर का खेल में जीवों को नहीं मारने की शिक्षा देता है एवं गाडोलिया खेल में नशा नहीं करने की शिक्षा दी गई है। भोपा भोपी खेल में अंधविश्वास से दूर रहने की शिक्षा है। कानजी जी महाराज श्रीकृष्ण जी पर आधारित है।
गवरी के सभी नृत्य एवं खेलों में बंदियों द्वारा ही अभिनय किया गया है। इसके लिए पिछले एक माह से इसकी प्रैक्टिस की है। प्रमुख बंदी कलाकार लक्ष्मण, हीरालाल, भीमराज, मोहन, मांगीलाल, प्रताप, हरजी, रामा, गोवर्धन, भरत, कैलाश, दिनेश, एवं रमेश व अन्य हैं। इस तरह का आयोजन बंदियों में सुधारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एवं समाज से जुड़े रहने के लिए किया जाता है, ताकि बंदियों में सुधार हो एवं वह समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सके, अपराध से दूर रहे। इसलिए सामाजिक शिक्षा एवं परंपरा का समावेश करते हुए बंदी सुधार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
जेल अधीक्षक राजपाल सिंह ने इन खेलों से शिक्षा ग्रहण कर अपराध से दूर रहकर समाज का जिम्मेदार नागरिक बनने का बंदियों से आह्वान किया। इस अवसर पर श्रीमोहन उपाधीक्षक, धर्मपाल जेलर एवं स्टाफ भी उपस्थित रहा।]
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