शास्त्रीय नृत्य के महाकुंभ का भव्य समापन
ताल और झंकार के साथ विदा हुए 22 राज्यों के कलाकार
उदयपुर 28 अप्रैल 2026। झीलों की नगरी में आयोजित दो दिवसीय 'छठे शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव' का सोमवार को भव्य समापन हुआ। कथक आश्रम उदयपुर और ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन (आइडा) द्वारा आयोजित इस महोत्सव के अंतिम दिन भी देश भर से आए कलाकारों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। समापन अवसर पर 320 नृत्यकारों ने 82 विभिन्न प्रस्तुतियां देकर अपनी कला का लोहा मनवाया।
महोत्सव के दूसरे दिन विशेष प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। 'इंटरनेशनल कलातिलकम' काव्या वेंकटचलम (मुंबई) ने कथक की अद्भुत प्रस्तुति दी। वहीं अमृत साहू और राजश्री दास ने भरतनाट्यम, शिल्पा राव ने कथक और अधिश्री सिंह ने कालबेलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। निकुंज शेखर के शास्त्रीय गायन ने वातावरण को सुरीला बना दिया, तो प्रियांशी जोशी और ग्रुप द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी लोक नृत्य ने प्रदेश की लोक संस्कृति के रंग बिखेरे।
पुरस्कारों की कड़ी में दूसरे दिन दिल्ली की स्नेहा शाह और जोधपुर की दीपिका रजक को भरतनाट्यम के लिए 'ताँबावती नगरी सम्मान' से नवाजा गया। वहीं, अमृत सिन्हा के नेतृत्व में लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेजेज को उनकी उत्कृष्ट भागीदारी के लिए 'आउटस्टैंडिंग स्कूल' का अवार्ड प्रदान किया गया।
कथक आश्रम की निदेशक चंद्रकला चौधरी ने बताया कि दो दिनों तक चले इस शास्त्रीय समागम में 22 राज्यों की संस्कृतियों का मिलन हुआ। समापन समारोह में आइडा निदेशक रितेश बाबू और सचिव चंद्रगुप्त सिंह चौहान सहित कला जगत के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजन ने न केवल शास्त्रीय कलाओं को मंच दिया, बल्कि उदयपुर को सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र के रूप में भी मजबूती प्रदान की।
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