गुरु तेग़ बहादुर साहिब शहीदी शताब्दी यात्रा 17 अक्टूबर को पहुंचेगी उदयपुर
यात्रा गुरुद्वारा डुबरी साहिब (असम) से प्रारंभ होकर देश के विभिन्न भागों से गुजर रही है
उदयपुर, 24 सितम्बर 2025। धन धन श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी, भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में देशभर में एक विशाल शहीदी शताब्दी यात्रा निकाली जा रही है। यह पवित्र यात्रा गुरुद्वारा डुबरी साहिब (असम) से प्रारंभ होकर देश के विभिन्न भागों से गुजर रही है और 17 अक्टूबर 2025 की शाम को उदयपुर पहुँचेगी।
इस संदर्भ में 24 सितम्बर 2025 को गुरुद्वारा सचखंड दरबार, सिख कॉलोनी, उदयपुर में सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों एवं सिख मीडिया सेंटर, उदयपुर की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में यात्रा के स्वागत और प्रबंधन संबंधी कई प्रमुख निर्णय लिए गए।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:
- यात्रा 17 अक्टूबर 2025 की शाम उदयपुर पहुँचेगी।
- उदयपुर की संगत यात्रा के स्वागत के लिए डबोक अथवा मंगलवाड़ तक जाएगी।
- गुरुद्वारा सचखंड दरबार को रोशनी और पुष्प सजावट से सुसज्जित किया जाएगा।
- स्वागत केवल फूलों और दीपमालाओं से किया जाएगा।
- आतिशबाज़ी/पटाख़ों का प्रयोग नहीं होगा।
- दीपक, मोमबत्तियाँ और प्लास्टिक दीपक का उपयोग किया जा सकता है।
- स्वागत हेतु ड्रेस कोड निर्धारित:
- जेंट्स: नीली पगड़ी + नीली पैंट/जीन्स + सफेद शर्ट/टी-शर्ट/कुर्ता पजामा
- लेडीज़: सफेद सूट + केसरीया/नीला दुपट्टा
- आवश्यक सरकारी अनुमति पत्र मैनेजिंग टीम द्वारा लिए जाएंगे।
- गुरु का अटूट लंगर लगाया जाएगा जिसमें यात्रा संग, बाहरी संगत और उदयपुर की साध संगत सेवा का लाभ लेगी। इच्छुक सेवादारों से लंगर सेवा में सहयोग की अपील की गई।
- उदयपुर शहर के प्रमुख चौराहों पर यात्रा एवं शहीदी दिवस संबंधी होर्डिंग्स और बैनर लगाए जाएंगे।
- 18 अक्टूबर 2025 को प्रातः 09:15 बजे गुरुद्वारा सचखंड दरबार में कीर्तन दीवान होगा, तत्पश्चात यात्रा जोधपुर की ओर प्रस्थान करेगी।
- यात्रा का मार्ग: गुरुद्वारा सचखंड दरबार → दुर्गा नर्सरी रोड → शोभागपुरा 100 फीट रोड → सुखेर चौराहा → अम्बेरी रोड → जोधपुर रोड → सुमेरपुर → शिवगंज → पाली → जोधपुर।
सिख संगत ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए निवेदन किया है कि इस ऐतिहासिक यात्रा के स्वागत में अवश्य शामिल हों और विशेष रूप से अपने बच्चों को साथ लाकर गुरु साहिब व गुरसिखों की शहादत के प्रेरणादायी इतिहास से अवगत कराएँ।