उदयपुर मे नवमी पर सूर्यवंशी परंपरा से हरितराज सिंह मेवाड़ ने किया अश्व पूजन
Udaipur Times, Udaipur Event: शारदीय नवरात्रि की पावन नवमी के अवसर पर मेवाड़ की प्राचीन सूर्यवंशी परंपरा का निर्वहन करते हुए महाराज कुमार हरितराज सिंह मेवाड़ ने शंभू निवास प्रांगण में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक अश्व पूजन किया।
इस अवसर पर राजसी शृंगार से सुसज्जित ‘राजस्वरूप’, ‘राजमुकुट’ एवं ‘नागराज’ नामक अश्वों को विधि-विधानपूर्वक पूजन के लिए लाया गया। महाराज कुमार हरितराज सिंह मेवाड़ ने अश्वों को अक्षत, कुंकुम एवं पुष्प अर्पित कर आरती की। साथ ही उन्हें पारंपरिक रूप से आहार, वस्त्रादि भेंट किए तथा ज्वारें धारण करवाकर मंगलकामना की।
मेवाड़ राजपरिवार में शारदीय नवरात्रि की नवमी पर अश्व पूजन की परंपरा विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर अश्वों को कंठी, चांदी के छोगों, मुखभूषण, पारंपरिक लगाम एवं चंवर सहित विविध राजसी आभूषणों से सजाया जाता है। नक्कारों और शहनाई की मंगलध्वनि के बीच संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शौर्य परंपरा और राजसी वैभव का प्रतीक है।
राजमहल परिसर स्थित 17वीं सदी के ऐतिहासिक अस्तबल में आज भी मारवाड़ी नस्ल के अश्वों का संरक्षण किया जाता है। यह परंपरा मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और पीढ़ियों से संजोई जा रही सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए हुए है।