जिंक परिवार की वर्चुअल माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के नाम रही शाम

जिंक परिवार की वर्चुअल माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के नाम रही शाम

उत्तराखंड के पंतनगर और प्रदेश के 5 जिलों से जिंकीयंस ने दी प्रस्तुति

 
HZL

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किशोर कुमार के गीत, तो मुख्य वित्त अधिकारी ने कविता से जीता दिल

कोविड महामारी के संक्रमण से स्वयं और परिवार को बचाने और साथ साथ कंपनी के दैनिक कार्यकलापों के बीच ज़िंक परिवार की शाम सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रस्तुतियों के नाम रही। इस शाम की खास बात यह थी कि इसमें उत्तराखंड के पंत नगर सहित प्रदेश में 5 जिलों में हिन्दुस्तान जिंक की इकाइयों के जिंकींयस ने इसमें प्रस्तुति और दर्शक बन कर भाग लिया। इस कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने न सिर्फ हर प्रस्तुतकर्ता का उत्साहवर्धन किया बल्कि स्वयं ने किशोर कुमार के गीत से सभी का मन मोह लिया। वहीं कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी विनय जैन ने कविता के माध्यम से सभी का दिल जीता।

वर्चुअल कार्यक्रम के बावजुद प्रतिभागियों ने गीत की प्रस्तुतियों ने मंच को सजीव किया तो नृत्य की प्रस्तोताओं ने नृत्य के गीत के बोल अनुरूप वेशभूषा में प्रस्तुती ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में चंदेरिया स्मेल्टर के मुख्तार अहमद ने नज्म गुलशन की फकत फूलों से नहीं कांटो से भी ज़ीनत होती है, जीने के लिये दुनियां में ग़म की भी जरूरत होती है नज़्म से सभी की तालियां बंटोरी, इसके बाद जा़वर माइंस से ऐश्वर्या सिंह ने जब बिना संगीत के सुरीली राग में तेरे नाम से जी लूं, तेरे नाम से मर ...  गीत की प्रस्तुति दी तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित सभी श्रोताओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के वर्चुअल माध्यम से आयोजित होने के बावजूद सभी को जोडे़ रखते और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रम के बीच बीच में रिडल्स, टंग ट्विस्टर्स, सॉन्ग भूलभुलैया जैसे आकर्षक खेलों और कोविड जागरूकता पर एक छोटी प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतियोगिताओं में सभी की भागदारी रही।

रामपुरा आगूचा से सौरभ शुक्ला ने स्वरचित कविता और नज्म हर घड़ी कोई पहरा दिखाई पड़ता है, और वर्तमान महामारी के बीच श्रमिक और किसान की हालात बयां करती कविता बाधा नही है कोई पौरूष से बडी सुनायी जिसे सभी ने बहुत सराहा। इसके बाद जावर माइंस से बांसुरी और गिटार पर प्रतीक और शुभम की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं पंतनगर से निशा के पारंपरिक और बाॅलीवुड गानो एवं जावर से तनुश्री माहेश्वरी के नेपाली नृत्य प्रस्तुति ने सभी को गीतों पर थिरकने के लिए प्रेरित किया। कायड के भुवनेश चौबीसा ने स्वरचित देशभक्ति, प्रेम और वर्तमान समय पर कविता की प्रस्तुती दी। दरीबा स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स की श्रुति पटेल ने कम्यूनिकेशन स्कील पर चर्चा सभी से शेयर की। एसके मांइस से सुफल महरोत्रा ने बेटियों पर अपने गीत से सभी का दिल जीत लिया। सभी प्रस्तुतकताओं की प्रस्तुती से इस कार्यक्रम से जुडे सभी दर्शक किसी सजीव मंच के समान प्रस्तुतियों से आल्हादित और तनावमुक्त नज़र आये। दर्शकों ने सभी प्रस्तुतकर्ताओं का वर्चुअल माध्यम से मैसेज के माध्यम से खूब उत्साह वर्धन किया।

इस अनूठी सांस्कृतिक शाम का उद्देश्य एक-दूसरे के साथ खुशी, अच्छी यादें और बहुत सारे अनौपचारिक समय को साझा करना था। 2 घंटे के इस कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के कर्मचारियों ने अपने साथी सहयोगियों का उत्साहवर्धन और मनोरंजन किया।

हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने टीम के प्रयासों की सराहना की और सभी प्रतिभागियों से कहा कि , “मैंने हमेशा अपने लोगों के साथ प्रोफेशनल और व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत करना पसंद किया है, लेकिन लॉकडाउन ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था। इस अनौपचारिक अनूठे सत्र के साथ, मुझे कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़ने का अवसर मिला, जहां उनकी रुचियों और प्रतिभाओं के बारे में जानना और वस्तुतः देखना भी दिलचस्प रहा। इस महामारी के दौरान जिंक परिवार में सभी के लिए समय निकालना और कुछ हटकर करना अद्भुत था।”

पिछले कुछ महीने सभी के लिए मुश्किल रहे हैं, बिना मिले और बातचीत किए, लेकिन शाम ने लंबे समय के बाद कुछ तनाव मुक्त समय बिताने का मौका दिया, जिससे सभी को एक ही मंच पर करीब लाया दिया है।

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