बागोर की हवेली में लीथोग्राफी कार्यशाला का शुभारंभ

लुप्त कला के संरक्षण हेतु प्रयास 

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workshop at WZCC

उदयपुर 24 सितंबर 2024। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर द्वारा बागोर की हवेली में मंगलवार से सात दिवसीय लीथोग्राफी कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कमलेश शर्मा, संयुक्त निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क एवं प्रो. मदन सिंह राठौड़, दृश्य कला विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय थे।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि लुप्त हो रही लीथोग्राफी कला को पुनर्जीवित करने के लिए इस सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला के विशेषज्ञ अहमदाबाद से जानी यश राजेश कुमार एवं सहयोगी बड़ौदा से उत्पल प्रजापति है। जो चयनित विद्यार्थियों को कला की बारिकियां सिखाएंगे। इस कार्यशाला में 20 विद्यार्थी भाग ले रहे है।

इससे पूर्व उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. मदन सिंह राठौड़ ने लीथोग्राफी का उद्भव एवं भारत में राजा रवि वर्मा द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काफी समय बाद उदयपुर में यह कार्यशाला आयोजित की गई है।

केन्द्र के उपनिदेशक (वित्तीय एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सिद्धांत भटनागर ने किया। कार्यशाला का समापन 30 सितम्बर को होगा। इस अवसर पर केन्द्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत  तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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