लोक रंग में रंगा कला मण्डल

लोक रंग में रंगा कला मण्डल

भारतीय लोक कला मंडल में चल रहा है लोकानुरंजन मेला

 
lokanuranjan mela

आदिम, लोक एवं कठपुतली के क्षेत्र में कार्यरत अर्न्तराष्ट्रीय ख्याती प्राप्त संस्था भारतीय लोक कला मण्डल के 71 वें स्थापना दिवस एवं आजा़दी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित लोकानुरंजन मेले में लोक कलाकारों ने अपनी कला के रंग बिखेर कर किया रंगारंग आगाज़़ किया ।

संस्था  निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि भारतीय लोक कला मण्डल के 71 वें स्थापना दिवस के उद्घाटन अवसर पर  संस्था के मानद सचिव सत्यप्रकाश गौड़ ने मुख्य अतिथी जिला कलेक्टर ताराचन्द मीणा एवं गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया ।उसके बाद सभी गणमान्य अतिथियों एवं सस्था पदाधिकारियों ने  पद्मश्री देवीलाल सामर की तस्वीर पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।

इस अवसर पर भारतीय लोक कला मण्डल के मानद सचिव सत्यप्रकाश गौड़ ने बताया कि भारतीय लोक कला मण्डल के संस्थापक पद्मश्री देवीलाल सामर लोक एवं लोक कलाकारों के संरक्षक एवं मार्गदर्शक थे। उन्होंने लोक कलाओं के उत्थान, संरक्षण एवं इसे आमजन तक पहुँचाने में ही अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने वर्ष 1952 में भारतीय लोक कला मण्डल की स्थापना कर देश की लोक कला एवं संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई तथा लोक कलाकारों की रंगमंच पर प्रस्तुतियों हेतु लोकानुरंजन मेले एवं अन्य समारोह की शुरूआत की।  

डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि  कोरोना की तीसरी लहर के पश्चात् उदयपुर में आयोजित हो रहे लोक नृत्य कार्यक्रमों में आदिम एवं लोक कलाकारों का उत्साह देखते ही बनता है।  तीन दिवसीय लोकानुरंजन मेले में भाग लेने हेतु दूर दराज के कलाकार समय की कमी एवं स्थान की दूरी को नज़र अंदाज़ कर हज़ारों किलोमीटर की दूरी तय कर अपनी कला के जोहर दिखाने पहुॅँच है। 

समारोह के पहले दिन राजस्थान के चकरी, कालबेलिया, ढफ नृत्य के कलाकारों ने राजस्थानी लोक संस्कृति के रंग बिखेरे तो गुजरात से आए कलाकारों ने राठवा एवं गरबा नृत्य से दर्शकों के बीच समा बांधा।  आसाम से आए लोक कलाकारों ने बीहू, पंजाब के कलाकारों ने  भांगडा, हिमाचल के कलाकारों ने सिरमौरी नाटी, एवं तेलंगाना से माधुरी तथा लम्बाडी लोक नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी।  

उन्होने बताया कि कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरात्तव विभाग-राजस्थान सरकार, दी परफोरमर्स कल्चरल सोसायटी, उदयपुर, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी-जोधपुर, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र- उदयपुर, उत्तर-पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र- नागालैण्ड, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र-पटियाला, भाषा एवं संस्कृति विभाग-तेलंगाना सरकार, पंजाब संगीत नाटक अकादमी- चंडीगढ़, हरियाणा कला परिषद-कुरूक्षेत्र, विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान-प्रयागराज, पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र-कोलकाता, खेल युवक सेवा एवं सांस्कृतिक प्रवृति विभाग- गाँधी नगर के सहयोग से किया जा रहे तीन दिवसीय समारोह में लोक कलाकार प्रस्तुतियाँ देंगे। इसके अतिरिक्त लोकानुरंजन मेले के अंतिम दिन दिनांक 24 फरवरी को रंगपृष्ठ डांस स्टुडियों द्वारा भारत रत्न लता मंगेशकर को श्रृद्धांजली हेतु 15 मिनट का कार्यक्रम किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त संस्था में दिनांक 25 फरवरी से 01 मार्च 2022 तक ‘‘18 वॉ पद्मश्री देवीलाल सामर स्मृति राष्ट्रीय नाट्य समारोह’’ आयोजित किया जाएगा जिसमें देश के प्रसिद्ध नाट्य निर्देशकों के नाटक मंचित होंगे।

अंत में उन्होने यह भी बताया कि स्थापना दिवस के सभी कार्यक्रम संस्था के मुक्ताकाशी रंगमंच पर प्रतिदिन सांय 7ः00 बजे से प्रदर्शित किये जाएगें। समारोह में प्रवेश निःशुल्क रहेगा परन्तु कोविड-19 की गाईड लाईन की अनुपालना अनुसार मास्क पहने होने पर तथा वैक्सिनेशन लगे होने पर ही प्रवेश दिया जाएगा।

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