रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ लोकानुरंजन मेले का आरंभ


रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ लोकानुरंजन मेले का आरंभ

भारतीय लोक कला मंडल में आयोजन

 
lokanuranjan mela

उदयपुर 22 फरवरी 2025। भारतीय लोक कला मण्डल के 74 वें स्थापना दिवस के अवसर पर लोकानुरंजन मेले का शुभारंभ हुआ जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियाँ दी ।

कार्यक्रम के आरम्भ में संस्था के मानद सचिव सत्य प्रकाश गौड़ ने कार्यक्रम कि मुख्य अतिथि श्रीमती प्रज्ञा केवलरमानी, संभागीय आयुक्त, उदयपुर एवं गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया उसके पश्चात सभी गणमान्य अतिथियों ने भारतीय लोक कला मण्डल के संस्थापक पद्मश्री देवीलाल सामर की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।

भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि भारतीय लोक कला मण्डल भारत की लोक एवं आदिम कलाओं के संरक्षण एवं प्रोत्साहन हेतु विगत 73 वर्षो से कार्य करता आ रहा है और इसी उद्धेश्य से संस्था के संस्थापक पद्मश्री देवीलाल सामर द्वारा भारतीय लोक कला मण्डल के स्थापना दिवस पर लोकानुरंजन मेले का आयोजन प्रारम्भ किया गया और उसी उद्धेश्य से संस्था द्वारा प्रति वर्ष लोकानुरंजन मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 74 वें स्थापना दिवस पर 7 राज्यों के लगभग 150 लोक कलाकार एवं रंगकर्मी अपनी कलाओं को प्रदर्शित कर रहे है।

भारतीय लोक कला मण्डल में  ‘‘लोकानुरंजन मेले’’ का आयोजन कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला, भाषा एवं संस्कृति विभाग, तेलंगाना सरकार, पंजाब फोक आर्ट सेंटर, गुरूदासपुर, माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर से पूर्व सभी कलाकारों द्वारा पंचवटी से एक शोभा यात्रा निकाली गई।

लोकानुरंजन मेले के प्रथम दिन राजस्थान सहित भारत के विभिन्न प्रान्तों से आये लोक कलाकारों ने कार्यक्रम में अद्भूत प्रस्तुतियाँ दी जिनमें जोधपुर से कालबेलिया एवं बांरा से सहरिया एवं चकरी नृत्य दल, बाडमेर से पाबूजी की फड़ तो गुजरात सेे सिद्धि धमाल दल, हिमाचल प्रदेश के क्यांग, तेलंगाना से पेरिनी नाट्यम दल, जम्मु कश्मीर के गोजरी नृत्य दल, पंजाब के भांगडा दल एवं भारतीय लोक कला मण्डल के कलाकारों के दल ने तेराताल लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियाँ दी।

स्थापना दिवस के अवसर पर ही संस्था में ‘‘21 वें पद्मश्री देवीलाल सामर स्मृति राष्ट्रीय नाट्य समारोह’’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें काईट एक्टिंग  स्टूडियो, मुम्बई द्वारा साहेब नीतीष द्वारा निर्देशित नाटक कपास के फूल का मंचन दिनांक 25 फरवरी 2025 को एवं दिनांक 26 फरवरी 2025 को नाटक ‘खोया हुआ आदमी’’ का मंचन किया जाएगा तो समारोह के अंतिम दिन दिनांक 28 फरवरी 2025 को मंच-रंगमंच संस्था, अमृतसर द्वारा केवल धालीवाल निर्देशित नाटक एक था मंटो का मंचन किया जाएगा।

कार्यक्रम के दूसरे एवं तीसरे दिन भी देश के विभिन्न प्रान्तों से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देगें जिसमें दर्शकों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा ।
 

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