तबला तांडव से हुआ मल्हार का आगाज

तबला तांडव से हुआ मल्हार का आगाज

शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में तीन दिवसीय मल्हार उत्सव की शुरुआत

 
Tabla Tandav

उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र,उदयपुर की ओर से शिल्पग्राम में तीन दिवसीय मल्हार उत्सव की शुक्रवार को शुरूआत हुई। उत्सव के पहले दिन मूर्धन्य कलाकार पं. कालिनाथ मिश्रा और उनके दल के 17 कलाकारों ने तबला तांडव से मल्हार का आगाज़ किया। 

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर की निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि पं. कालिनाथ मिश्रा द्वारा संयोजित तबला तांडव देश-विदेश में प्रसिद्धी पा चुका है। गायन,वादन और नृत्य से सुसज्जित यह कार्यक्रम उदयपुर में पहली बार आयोजित किया गया। तबला तांडव में पंडित कालिनाथ मिश्रा ने एकल प्रस्तुति में तीन ताल में बनारस का उठान, लय की गति, गणेश परन, बोल परन, गंगा की लहर की भांति लय की गरिमा से ही दर्शकों को मन मगन कर दिया।

इसके बाद तांडव में कथक की प्रस्तुति हुई। दक्षिण भारत का मृदगम और वेस्टर्न में ड्रम का फ्यूजन हुआ। तांडव की प्रस्तुति में आनंद तांडव, शिव तांडव और कृष्णा तांडव ने आह्लादित मन की तालियां बटोरीं । इसके बाद बॉलीवुड के  नामचीन कलाकार राजकुमार सोडा ने सेक्सोफोन पर जोरदार धुन छेड़ी। पंडित कालिनाथ मिश्रा ने मेघ मल्हार की जोरदार बंदिश पेशकश की। जिसमें पखावज,सितार, सरोज, सारंगी, खड़ताल, ड्रम, सैक्सोफोन की जुगलबंदी देखने को मिली। वादन का शानदार अंदाज हर एक को झूमने पर विवश करता रहा।

राजस्थानी मांड में साउंड ऑफ कलर म्यूजिक की प्रस्तुति हुई। झरनी में तबले और कथक की जुगलबंदी हुई। अरदास में छाप तिलक सब छीनी रे,मोसे नैना मिलाइके और पढ़त पेश कर विभोर कर दिया। वंदे मातरम से प्रणाम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इससे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी श्रीनिवास अय्यर,वनश्री राव, किरण सोनी गुप्ता ने दीप प्रज्वलन किया। कार्यक्रम के अंत में कलाकारों का म्यूरल आर्ट पोर्टफोलियो देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन किरण बाला किरण ने किया।

इन कलाकारों ने की संगत

तबला ताण्डव में पण्डित कालिनाथ मिश्रा स्वयं तबले पर थे। उनके साथ तबला, ढोलक एवं कोहन पर सत्यप्रकाश, अविनाश, हेमंत और सोहन थे। मृदंगम पर दक्षिणामूर्ति, पखावज पर हेमंत, ड्रम्स पर प्रथमेश, सेक्सोफोन पर राजकुमार सोडा, गायन पर वैभव मांकड, सारंगी पर माण्डविया अर्पित, सितार पर अलका गुर्जर, खड़ताल पर देवू खाँ ने संगत की। कथक नृत्य में डॉ. खुशबू पांचाल, रितु पंवार, बिचित्रा मुखोेपाध्याय तथा प्रांजल ने प्रस्तुति दी।

शास्त्रीय नृत्य शैलियों का आज होगा संगम

मल्हार उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को देश की विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों का संगम देखने को मिलेगा। जिनमें कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, मणिपुरी, कथक, सत्रीया, ओडिसी और मोहिनीअट्टम की 28 कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी । इन सभी शास्त्रीय नृत्य शैलियों को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित गुरु वनश्री राव ने निर्देशित किया है। सांस्कृतिक केंद्र की निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि इतनी नृत्य शैलियों का प्रदर्शन एक रोमांचक अनुभव होगा | कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क हैं | कार्यक्रम शाम को 7:00 बजे शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में होगा।

To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on   GoogleNews |  Telegram |  Signal