नाथद्वारा मे गूंजा कृष्ण जन्म का उल्लास, रात 12 बजे होगी 21 तोपों की सलामी

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Nathdwara

 

Udaipur Times, Janmashtami 2026, Rajsamand News: राजसमन्द के नाथद्वारा मे पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

श्रीजी की हवेली में जन्मोत्सव को लेकर विशेष सेवा-पूजा, श्रृंगार एवं दर्शन व्यवस्थाएं की गई हैं। सुबह करीब 4:45 बजे पंचामृत स्नान एवं मंगला आरती के दर्शन हुए। इस दौरान श्रीनाथजी को दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से पंचामृत स्नान करवाकर तिलक लगाया गया और आरती उतारी गई।

जन्माष्टमी के अवसर पर पूज्यपाद गोस्वामी तिलकायत 108 श्री इन्द्रदमन जी महाराजश्री एवं युवराज चिरंजीव गोस्वामी 105 श्री विशाल बावा ने मंगला दर्शन में श्रीजी प्रभु की सेवा की। जन्माष्टमी पर श्रीजी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। प्रभु को दुहरा श्रृंगार, चाकदार केसरी वस्त्र तथा श्री मस्तक पर मोर चंद्रिका का विशेष शृंगार धराया जाएगा। श्रृंगार दर्शन के दौरान मंदिर के पंड्या जी परेश नागर द्वारा श्रीजी प्रभु के सम्मुख जन्म पत्रिका का वाचन किया गया।

रात 12 बजे 21 तोपों की सलामी

श्रीनाथजी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव का सबसे विशेष आकर्षण रात 12 बजे होने वाली 21 तोपों की सलामी होगी। मंदिर परंपरा के अनुसार नंदराय के घर लालन के जन्म की खुशी में यह सलामी दी जाती है। मान्यता है कि इसके माध्यम से आसपास के गांवों तक कृष्ण जन्म की सूचना पहुंचती थी।

श्रीनाथजी के करीब 350 वर्ष पूर्व मेवाड़ पधारने के समय से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। ठीक मध्यरात्रि मंदिर की छतरी से बिगुल बजाकर कृष्ण जन्म की सूचना दी जाएगी और इसके साथ ही 21 तोपों की सलामी होगी।

5 सितंबर को नंदोत्सव, दूध-दही से खेली जाएगी होली

जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को सुबह 7:30 से 11 बजे तक नंदोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान प्रभु श्रीनाथजी और लालन को सोने के पालने में झुलाया जाएगा। जन्मोत्सव की खुशी में ग्वाल-बाल दूध-दही से होली खेलेंगे। श्रद्धालुओं के साथ भी हल्दी-केसर युक्त दूध-दही से होली खेली जाएगी।

दर्शन समय में बदलाव, दो दिन पास रहेंगे बंद

श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को लेकर मंदिर मंडल ने 4 एवं 5 सितंबर के लिए विशेष दर्शन एवं यातायात व्यवस्था लागू की है। जन्माष्टमी के दिन मंगला दर्शन करीब 4:45 बजे, श्रृंगार दर्शन सुबह 8 बजे, राजभोग दर्शन दोपहर 12:30 बजे, भोग-आरती शाम 7:30 बजे तथा जागरण दर्शन रात 9:30 बजे से होंगे।

वहीं 5 सितंबर को नंदोत्सव के दौरान सुबह 7:30 से 11 बजे तक केसरयुक्त दही एवं छाछ का छिड़काव होगा। इसके बाद राजभोग दर्शन दोपहर 2:15 बजे, उत्थापन दर्शन शाम 7 बजे तथा भोग-आरती रात 9 बजे होगी। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सेवा-पूजा की परंपरा एवं विधि-विधान के कारण दर्शन समय में परिवर्तन संभव है।

4 एवं 5 सितंबर को सभी मनोरथियों के लिए दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे। दिनभर के मनोरथ, राजभोग, मंगल-भोग, शयन-भोग, सामग्री/जिन्स भेंट सहित अन्य मनोरथों के पास के साथ प्रोटोकॉल दर्शन पास भी बंद रहेंगे। इस दौरान पास क्यूआर कोड मशीन भी बंद रहेगी।

महिला-पुरुषों के लिए अलग प्रवेश मार्ग

जन्माष्टमी एवं नंदोत्सव के दौरान महिलाओं का प्रवेश चौपाटी मंदिर मार्ग से होते हुए प्रतापमाली गेट से तथा पुरुषों का प्रवेश चौपाटी मंदिर मार्ग से नक्कारखाना गेट से होगा। सभी श्रद्धालुओं की निकासी मोतीमहल से की जाएगी। मंदिर मंडल की ओर से पर्व को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

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