RNT मेडिकल कॉलेज में प्रथम राजस्थान मेडेविज़न अधिवेशन का भव्य उद्घाटन

500 से अधिक मेडिकल एवं डेंटल छात्र-प्रतिनिधियों ने भाग लिया
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उदयपुर 24 नवंबर 2025।  प्रथम राजस्थान राज्य मेडेविज़न अधिवेशन-2025 का उद्घाटन समारोह उदयपुर स्थित आरएनटी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण के साथ संपन्न हुआ। “मेंटल वेल बीइंग: बाई काइंड टू योर माइंड ” थीम पर आधारित इस अधिवेशन में राजस्थान भर से आए 500 से अधिक मेडिकल एवं डेंटल छात्र-प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मेडिविज़न के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मौलिक ठक्कर ने अपने संबोधन के प्रारंभ एबीवीपी  के दीर्घकालिक राष्ट्र-निर्माण यात्रा को याद करते हुए की। उन्होंने बताया कि 2015 में मेडिकल एवं डेंटल छात्रों के हितों के लिए मेडिविज़न की स्थापना की गई थी और तब से अब तक आठ नेशनल कॉन्फ़्रेंस सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं।

इस वर्ष मेडिविज़न ने गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में राज्य-स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर चुका है। उन्होंने मेडिविज़न की प्रमुख सेवा गतिविधियों नेत्र कुंभ और जगन्नाथ यात्रा स्वास्थ्य सेवा का उल्लेख किया। पिछले वर्ष के NEET-UG विवाद में छात्रों की आवाज़ उठाने का काम भी किया।

गीतांजलि विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. अंकित अग्रवाल ने कहा की मेडिविज़न के ग्रामीण इंटर्नशिप ड्राइव, जो दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। कड़ी मेहनत करें ताकि भारत मेडिकल साइंसेज़ का वैश्विक नेता बने और चीन से भी आगे निकल जाए।

राजस्थान सरकार के मंत्री गौतम दक ने  कहा की परिषद देशभर के कॉलेज कैंपसों में राष्ट्रवाद और सकारात्मक छात्र आंदोलन का सबसे मजबूत स्तंभ बना है। उन्होंने मेडिविज़न के गठन को सराहा और कहा कि यह संगठन मेडिकल छात्रों के मार्गदर्शन और उनके नैतिक-सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर ने इस सम्मेलन को RNT और मेडिविज़न के बीच एक “क्रांतिकारी सहयोग” बताया “सम्वेदना और करुणा उपचार जितनी ही महत्वपूर्ण हैं। इनके बिना मरीज को ठीक करना कठिन हो जाता है।” उन्होंने छात्रों को मेहनत करने और समाज के लिए प्रेरक व्यक्तित्व बनने का संदेश दिया। अपने संबोधन का समापन उन्होंने “जय हिंद, जय मेवाड़” के साथ किया।

MA उपाध्यक्ष डॉ. अशोक शारदा ने कहा कि डॉक्टरों का मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों, समाज और विद्यार्थियों-सभी की प्राथमिकता होना चाहिए। युवाओं में बढ़ती गलत आदतों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कई छात्र धूम्रपान, शराब या अनियमित दिनचर्या जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। इस दौरान राज्यभर से आए 500 से अधिक मेडिकल एवं डेंटल छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया।