23 फ़रवरी से शिल्पग्राम में छाएगी 'ऋतु बसंत' की बहार

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र का 3 दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव 23 से

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ritu vasant

उदयपुर 19  फरवरी। उदयपुर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से शिल्पग्राम में नई सांस्कृतिक पेशकश के रूप में "ऋतु बसंत उत्सव" का आगाज  23 फरवरी से होगा। इस 3 दिवसीय शास्त्रीय संगीत व गायन के क्षेत्र के नामचीन आर्टिस्ट अपनी आला प्रस्तुतियां देंगे।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र  उदयपुर  के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि पहले दिन शास्त्रीय गायिका रोंकिनी गुप्ता विलंबित ख्याल और द्रुत ख्याल से श्रोताओं के हृदय को छूएंगी। वहीं, प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और कमलादेवी संगीत महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ.आरती सिंह अपने ग्रुप के साथ कथक की श्रेष्ठ भाव-भंगिमा पूर्ण पेशकश से कथक की बारीकियों को उकेरेंगी। 

दूसरे दिन 24 फरवरी को पंडित राजकुमार मजूमदार, उस्ताद असगर हुसैन व उस्ताद अख्तर हसन वायलिन-संतूर की उम्दा जुगलबंदी से श्रोताओं के हृदय को झंकृत करेंगे। तो, सौरभ वशिष्ठ शास्त्रीय गायन से शाम में क्लासिकल रंग भरेंगे। 

उत्सव के अंतिम दिन  25 फरवरी को पंडित मोरमुकुट केडिया व पंडित मनोज केडिया की सरोद-सितार की बेहतरीन जुगलबंदी पेश करेंगे। वहीं, देश के जाने-माने कोरियोग्राफर और शास्त्रीय नृत्य की कई कालजयी प्रस्तुतियां दे चुके संतोष नायर अपने ग्रुप के साथ शास्त्रीय नृत्य स्तुति से उत्सव को पूर्णता देंगे।

प्रवेश रहेगा निशुल्क

यह कार्यक्रम 23 फरवरी से प्रतिदिन शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी रंगमंच पर शाम 6:30 बजे से होगा। आमजन के लिए इसमें प्रवेश निशुल्क रहेगा।

कार्यक्रम की खूबी उम्दा क्यूरेशन

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी इसका क्यूरेशन है। मसलन, पहले दिन क्लासिकल गायन के साथ कथक, दूसरे दिन गायन के बाद तीन बड़े संगीतज्ञों के वाद्ययंत्रों की जुगलबंदी और तीसरे दिन दो प्रसिद्ध संगीतज्ञों का सरोद-सितार का इंस्ट्रूमेंटल डुएट... और फिर वर्ल्ड क्लास नृत्य स्तुति अपने आप में बेमिसाल क्यूरेशन की प्रतीक है। इंस्ट्रूमेंटल डुएट... और फिर वर्ल्ड क्लास नृत्य स्तुति अपने आपमें बेमिसाल क्यूरेशन की प्रतीक है।
 

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