राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ का प्रान्तीय शैक्षिक अधिवेशन शुरू


राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ का प्रान्तीय शैक्षिक अधिवेशन शुरू

शिक्षकों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलने के साथ तृतीय श्रेणी के तबादलों पर सरकार गंभीर, नहीं होगी ओपीएस बंद : राजेंद्र सिंह राठौड़

 
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जयपुर 19 जनवरी।राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ का प्रांतीय अधिवेशन वैशाली नगर स्थित खंडेलवाल वैश्य ऑडिटोरियम में शुरू हुआ।अधिवेशन के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के सलाहकार एवं पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ रहे जबकि अध्यक्षता विधानसभा मुख्य सचेतक‌ जोगेश्वर गर्ग ने की। 

विशिष्ट अतिथि के रूप में कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर ‌शर्मा मौजूद रहे। शुरुआत में अतिथियों का स्वागत संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान व प्रदेश महामंत्री राजेश शर्मा ने किया। इस दौरान मुख्य अतिथि राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के मंत्री व नेताओं ने पुरानी पेंशन बंद करने को लेकर भाजपा नेताओं के बारे में भ्रांति फैलाई गई, जबकि किसी भी भाजपा पदाधिकारी व मंत्री ने ओपीएस बंद करने की बात नहीं कही। 

उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है उसका काम बच्चों को पढाने तक है लेकिन पिछले काफी समय से शिक्षकों पर अनावश्यक गैर शिक्षण कार्य लाद दिए गए हैं जो ठीक नहीं है ।उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्ग को समय पर पदोन्नति मिले तथा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पॉलिसी के तहत तबादले होने के साथ टीएसपी  एवं प्रतिबंधित जिलों के शिक्षकों का भी समायोजन किया जा सके इसके लिए सरकार गंभीर है। राठौर ने कहा कि वह सरकार एवं शिक्षकों के बीच सेतु का काम कर शिक्षकों की  लंबित समस्याओं का जल्द निदान कराने का प्रयास करेंगे।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने शिक्षक कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण कराया जाएगा। इससे पूर्व संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने शिक्षको की पिछले तीन शैक्षिक सत्रों से पदोन्नतियां नहीं किए जाने तथा प्रदेश में 20 हजार से अधिक अधिशेष हुए शिक्षकों के समायोजन सहित टीएसपी  एवं डार्क जोन में लगे शिक्षकों का उनके गृह जिलों में समायोजन करने का आग्रह किया। 

संघ के प्रदेश महामंत्री राजेश शर्मा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शिक्षकों पर दूध मिड डे मील जैसे गैर शैक्षिक कार्य थूकने का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना को बंद करने,शिक्षक तबादला नीति बनाने एवं लागू करने के नाम पर  2018 से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं करने तथा अंग्रेजी माध्यम एवं क्रमोन्नत स्कूलों में शिक्षकों के पद सृजित नहीं करने से बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को उठाते हुए जल्द समाधान करने का आग्रह करने की मांगे रखी। 

संघ के प्रवक्ता नारायण सिंह ने बताया कि प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेश भर के एक हजार के करीब शिक्षकों ने भाग लिया। खुले अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए डेली गेट्स ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार ,नई शिक्षा नीति, परीक्षा परिणाम व शैक्षिक उन्नयन को लेकर मंथन कर सरकार को प्रस्ताव भिजवाने का निर्णय लिया। कार्यक्रम में कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा, संगठन के संरक्षक मूलचंद गुर्जर, विजय कुमार शर्मा, शंभू सिंह मेड़तिया, श्रवण सिंह राठौड़, ऋषि कुमार यादव, कोषाध्यक्ष सीताराम शर्मा ने विचार व्यक्त किये ।

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