लोक कला का संगम बना उदयपुर टेल्स

“पधारो म्हारे देश” की मधुर प्रस्तुति के साथ दुसरे दिन की शुरुआत

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Udaipur Tales

उदयपुर 11 जनवरी 2025 । उदयपुर स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल के दुसरे दिन की की शुरुआत जैसलमेर के लोक कलाकारों ने पधारों म्हारे देश की। यह प्रस्तुति मंगन्या समुदाय समुदाय के कलाकारों माजिद खान, रहीस, पेपे खान शमा,  भूरा, बलिया, सोकत और घेवर खान द्वारा लोक धुन पर ‘पधारो म्हारे देश’ सहित मेवाड़ी-हिंदी में लोक गीतों को प्रस्तुत किया। इन कलाकरों में रावल खान और सोहेल खान क्रमशः 10 और 11 वर्ष जिन्होंने अपनी प्रतिभा ने सभी को अचंभित किया। इनके असाधारण प्रदर्शन ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।

इस फेस्टिवल में विविध वैश्विक आख्यान भी प्रस्तुत किए गए। तीन वर्षों में 50 देशों की यात्रा कर चुकी जूलियाना मरीन ने कोलंबिया की हास्य कहानियों और लोककथाओं और रहस्य से जुड़ी एक माँ और बच्चे की डरावनी कहानी से बच्चों का मनोरंजन किया।

शिल्पा मेहता जो एक अलग ढंग से कहानिया सुनाती हैं, जिन्होंने बच्चों को जागरूक और प्रोत्साहित करने वाली कहानी सुनाई। इनकी कहानी चीन में एक शरारती परिवार की कहानी सुनाई जिसका उद्देश्य बच्चों सजग और जागरूक करना था और इनकी जयपुर के दर्जी रूपा राम की दिल को छू लेने वाली यात्रा कहानी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

लॉरेंस ह्यूजेस ने एलायंस फ्रांसेसे के सहयोग से एक कालातीत क्लासिक के साथ श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसमें उनके प्रदर्शन में संस्कृति और कल्पना को बुना गया। उन्होंने 28 दृष्टिबाधित और श्रवण-बाधित छात्रों के लिए एक प्रेरक कार्यशाला भी आयोजित की, जिसमें कहानी कहने की समावेशी शक्ति का प्रदर्शन किया गया। 

सह-संस्थापक सुष्मिता सिंघा ने साझा किया, "उदयपुर टेल्स कहानी कहने की कला का जश्न मनाने के लिए विविध आवाज़ों को एकजुट करता है।" सलिल भंडारी ने कहा, "कहानियों और संगीत के माध्यम से, हमारा उद्देश्य पीढ़ियों में रचनात्मकता और संबंधों को प्रेरित करना है।" यह उत्सव परंपरा और नवाचार के अपने मिश्रण से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करना जारी रखेगा।

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