उदयपुर में गंभीर रक्त संकट: RNT अस्पताल ने नागरिकों से की तत्काल रक्तदान की अपील
Udaipur Times, Udaipur Blood Shortage: 30 मई 2026 । उदयपुर संभाग के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के रक्त केंद्र (ब्लड बैंक) में वर्तमान में रक्त का स्टॉक कम हो रहा है। मांग और आपूर्ति के बीच पैदा हुए अंतर के कारण समस्या आ रही है। चिकित्सालय में प्रतिमाह लगभग 2500 से 3000 यूनिट रक्त के कलेक्शन की आवश्यकता होती है। इस मई माह में विभिन्न रक्तदान शिविरों के माध्यम से मात्र लगभग 450 यूनिट रक्त ही प्राप्त हो सका है। Udaipur Blood Shortage
RNT प्रशासन ने संभाग की सभी सामाजिक संस्थाओं, एनजीओ, कॉरपोरेट कार्यालयों, युवा मंडलों और आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे आगे आएं और अपने स्तर पर रक्तदान शिविरों का आयोजन करें। स्वस्थ नागरिक सीधे महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के ब्लड बैंक आकर भी रोजाना सुबह से शाम तक कभी भी रक्तदान कर सकते हैं। Udaipur Blood Shortage
ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. संजय प्रकाश का कहना है कि गर्मियों के इस मौसम में स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों की संख्या में कमी आई है, जिसके कारण आवश्यकता और कलेक्शन के बीच एक गैप पैदा हो गया है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं होता, इसे केवल इंसानी शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। Udaipur Blood Shortage
प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने इस मुहिम को धरातलीय मजबूती देते हुए कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज, उदयपुर और इससे संबद्ध चिकित्सालय संभाग के अंतिम छोर से आने वाले गरीब और बेसहारा मरीजों की सेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं। वर्तमान में ब्लड बैंक में जो कमी आई है, उसे केवल समाज के सामूहिक सहयोग से ही दूर किया जा सकता है। मरीजों के परिजनों पर पड़ने वाले इस मानसिक और शारीरिक दबाव को कम करना हमारी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। मैं उदयपुर और आस-पास के सभी स्वस्थ नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे आगे आएं, क्योंकि आपका दिया हुआ महज एक यूनिट रक्त तीन गंभीर मरीजों की जान बचा सकता है। RNT Medical College Udaipur
रक्तदान करने के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
चिकित्सकों के अनुसार, रक्तदान केवल एक जीवन रक्षक कार्य नहीं है, बल्कि दाता के स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है । नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। रक्तदान के बाद शरीर तेजी से नई और स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है, जिससे शरीर में नई ऊर्जा आती है। रक्तदान से पहले दाता का ब्लड प्रेशर, तापमान और हीमोग्लोबिन जांचा जाता है। साथ ही रक्त की एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी, तथा सिफलिस जैसी गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त प्रामाणिक जांच हो जाती है। बिना किसी स्वार्थ के किसी अनजान व्यक्ति को जीवनदान देने से मिलने वाली मानसिक शांति अमूल्य है। रक्तदान करने से शरीर की कैलोरी बर्न होती है, जो वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है। Maharana Bhupal Hospital blood bank,
कैसे करें रक्तदान?
18 से 65 वर्ष के बीच का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन कम से कम 45-50 किलोग्राम हो, हर तीन महीने में एक बार सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। किसी भी दिन महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के ब्लड सेंटर में आकर स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल (जैसे ई रक्तकोष ) पर भी खुद को रक्तदाता के रूप में पंजीकृत कर सकते हैं। Maharana Bhupal Hospital blood bank,
