उदयपुर के एमबी अस्पताल में पहला डी.ए.ए. तकनीक से सफल हिप रिप्लेसमेंट

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RNT Medical College

 

Udaipur Times, Health News: रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के अधीन संचालित महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सकों ने एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल करते हुए उदयपुर का पहला डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच (डीएए) तकनीक से सफल हिप रिप्लेसमेंट किया है। इस नवीनतम तकनीक के माध्यम से 25 वर्षीय मरीज के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण किया गया है।

उदयपुर के बड़गांव निवासी 25 वर्षीय मरीज कूल्हे की ए.वी.एन. ( एवस्क्यूलर नेक्रोसिस) बीमारी से ग्रसित था। मरीज ने एमबी हॉस्पिटल के अस्थि रोग विभाग में परामर्श लिया, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. अनामेन्द्र शर्मा ने जांच एवं परामर्श के बाद उसे कूल्हा प्रत्यारोपण की सलाह दी।

नवीनतम तकनीक से किया सफल ऑपरेशन

मरीज की कम उम्र एवं बीमारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. अनामेन्द्र शर्मा एवं उनकी टीम के डॉ. नरेश सैनी ने नवीनतम डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक कूल्हा प्रत्यारोपण किया। इस ऑपरेशन में डॉ. अजीत, डॉ. गीतेश एवं नर्सिंग अधिकारी तारा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, निश्चेतना विभाग के डॉ. राजीव नवारिया का भी ऑपरेशन के दौरान विशेष योगदान रहा।

क्या है डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक

विभागाध्यक्ष डॉ. अनामेन्द्र शर्मा ने बताया कि डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें मात्र 5-6 सेंटीमीटर के छोटे चीरे के माध्यम से कूल्हे का प्रत्यारोपण किया जाता है। इस तकनीक का प्रमुख लाभ यह है कि ऑपरेशन के दौरान खून का बहाव कम होता है तथा मरीज को जल्दी रिकवरी में मदद मिलती है।
इस तकनीक से किए गए ऑपरेशन का सकारात्मक परिणाम सामने आया और ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज बिना किसी सहारे के चलने लगा। यह तकनीक मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की दिशा में एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो रही है।

महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक से किया गया यह उदयपुर का पहला सफल कूल्हा प्रत्यारोपण है। देश के कुछ चुनिंदा अस्पतालों में ही इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से हिप रिप्लेसमेंट किया जाता है। महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में इस तकनीक से सफल ऑपरेशन होना संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने कहा कि चिकित्सालय में डी.ए.ए. जैसी आधुनिक तकनीक से उदयपुर का पहला सफल हिप रिप्लेसमेंट होना संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह हमारे चिकित्सकों की तकनीकी दक्षता एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का परिचायक है। इस प्रकार की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।

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