8 हजार करोड़ से यहां बनेंगे 11 नए इंडस्ट्रियल पार्क, 9 हजार एकड़ जमीन पर होंगे तैयार, कई जिलों को मिलेगा फायदा
Udaipur Times, New Delhi : मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत पहले चरण में 11 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। करीब 9,047 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इन पार्कों पर 8,144.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इन्हें निवेश-तैयार और प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में प्रदेश की औद्योगिक योजनाओं और निवेश संभावनाओं की जानकारी दी।
उज्जैन और रीवा को मिलेगी नई सौगात
पहले चरण में उज्जैन, धार, देवास-शाजापुर, रतलाम, सीहोर, सागर, गुना, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी और रीवा में औद्योगिक पार्क प्रस्तावित हैं। इनमें अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर (उज्जैन), भेंसोला (धार), पिपलरावां-पालीकालन (देवास-शाजापुर), रतलाम-पलसोड़ी, आष्टा (सीहोर), मसवासी ग्रांट (सागर), चैनपुरा (गुना), मोहना (ग्वालियर), धरमपुरा (जबलपुर), सिमरा (कटनी) और शिवसागर (रीवा) शामिल हैं।
टेक्सटाइल से सेमीकंडक्टर तक के उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
धार के भेंसोला औद्योगिक पार्क को टेक्सटाइल पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। इसे धार स्थित पीएम मित्र पार्क के विस्तार के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा प्रस्तावित पार्कों में फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, सेमीकंडक्टर और आईटी समेत कई क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा।
30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में 30% धरातल पर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान मध्य प्रदेश को करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी, जिसमे से लगभग 30 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव अब धरातल पर उतर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करना है साथ ही नए औद्योगिक पार्कों से निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
