सुखेर स्थित ईंट भट्टे से 12 बंधुआ मजदूरों को छुडाया
जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने प्राप्त शिकायत पर कार्यवाही करने के निर्देश देकर उत्तर प्रदेश के 12 श्रमिकों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करवाया। ये मजदूर लखावली के मानपुरा स्थित मारूति ब्रिक्स पर कार्यरत थे। प्राप्त शिकायत के अनुसार ये सभी स्वयं की इच्छा से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित अपने मूल निवास स्थान पर जाना चाहते थे लेकिन ईट भट्टा मालिक उन्हें नहीं छोड़ रहा था।

जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने प्राप्त शिकायत पर कार्यवाही करने के निर्देश देकर उत्तर प्रदेश के 12 श्रमिकों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करवाया। ये मजदूर लखावली के मानपुरा स्थित मारूति ब्रिक्स पर कार्यरत थे। प्राप्त शिकायत के अनुसार ये सभी स्वयं की इच्छा से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित अपने मूल निवास स्थान पर जाना चाहते थे लेकिन ईट भट्टा मालिक उन्हें नहीं छोड़ रहा था।
जिला कलक्टर के निर्देश पर बड़गांव नायब तहसीलदार ध्यानचंद दलाल, भू अभिलेख निरीक्षक दयाराम सुथार, श्रम निरीक्षक आई.यू.खान व गजराज सिंह, सुखेर थाने के एएसआई हिरसिंह मय जाब्ता मारूति ब्रिक्स पर पहुंचे एवं श्रमिकों के बयान लिए।
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श्रमिकों ने बताया कि यहां की मिट्टी में चिकनाहट होने से इट्टे कम बनती है तथा जलवायु उनके अनुकूल नहीं है इसलिए वे अपने मूल निवास स्थान वापस जाना चाहते है। इस पर टीम ने कार्यवाही करते हुए ईट भट्टा मालिक से उनके बकाया वेतन एवं घर जाने का किराया दिलाया। मजदूरों में चार परिवार की चार महिलाएं एवं आठ पुरूष शामिल है। इनके बच्चे पास ही आंगनवाडी केन्द्र पर जाते है।