'रोग वाहक तथा रोग वाहक जनित बीमारियां' विषयक 12वीं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न
रोग वाहक तथा रोग वाहक जनित बीमारियों की वर्तमान स्थिति तथा उनके नियंत्रण तथा भविष्य में रोकथाम की 12वीं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज यहॉ होटल इन्द्र रेजिडेंसी में समापन हुआ।

रोग वाहक तथा रोग वाहक जनित बीमारियों की वर्तमान स्थिति तथा उनके नियंत्रण तथा भविष्य में रोकथाम की 12वीं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आज यहॉ होटल इन्द्र रेजिडेंसी में समापन हुआ।
त्रिदिवसीय इस संगोष्ठी में कुल 35 आमंत्रित व्याख्यान व 37 मौखिक प्रस्तुतिकरण हुए। इसके अतिरिक्त यंग शोधार्थियों ने 61 पोस्टरों के माध्यम से अपने शोध कार्यों को प्रस्तुत किया।
समापन समारोह के अध्यक्ष मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई. वी. त्रिवेदी तथा मुख्य अतिथि राजस्थान विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. बी. पी. भटनागर व पाली के माननीय सांसद राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित थे।
अन्तिम तकनिकी सत्रों में 8 आमंत्रित व्याख्यानों के साथ-साथ 11 मौखिक प्रस्तुतिकरण हुए। अध्यक्षीय सम्बोधन में प्रो. त्रिवेदी ने इस आयोजन को विश्वविद्यालय के एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हुए विश्वास जताया कि वैज्ञानिक चर्चाओं का लाभ आम व्यक्ति तक पहुॅचेगा तथा बीमारियों को रोकने में सार्थक कामयाबी प्राप्त होगी।
राजेन्द्र सिंह ने आशा व्यक्त कि नई खोजों के साथ-साथ हमारी पौराणिक विधियॉ भी रोगों को रोकने में अत्यन्त लाभकारी सिद्ध हो सकती है। प्रो. भटनागर ने सफल आयोजन के लिए आयोजन सचिव डॉ. आरती प्रसाद को बधाई देते हुए कहा कि संगोष्ठी मौजूदा परिपेक्ष्य में बहुत उचित है तथा इसके सादगर्भित व्याख्यानों से जन साधारण लाभान्वित होगा।
आयोजन सचिव डॉ. आरती प्रसाद ने अंत में सबकों धन्यवाद ज्ञापित किया। देश-विदेश से आये विभिन्न वैज्ञानिकों, शोधर्थियों तथा शिक्षाविदों ने अपने अनुभव साझे किये तथा बताया कि वे यहॉ बहुत मीठी यादे अपने साथ लेकर जा रहे हैं।
