14 नए हाईवे बदल देंगे राजस्थान की तस्वीर ! जल्द होंगे तैयार, लोगों को मिलेगा मोटा फायदा
Udaipur Times, Rajasthan News, 14 state highways are being constructed in Rajasthan : राजस्थान सरकार ने दक्षिणी हिस्से में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य की बहुचर्चित हाईवे मॉडर्नाइजेशन योजना के तहत सलूंबर-बांसवाड़ा मार्ग को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। करीब 3226 करोड़ रुपये की इस व्यापक परियोजना का उद्देश्य सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाना और दूर-दराज के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
83 किलोमीटर लंबा मार्ग होगा विकसित
योजना के तहत लगभग 83 किलोमीटर लंबे सलूंबर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे-32 को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। फिलहाल परियोजना की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का अध्ययन किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद यह मार्ग दक्षिण राजस्थान की परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
उदयपुर तक पहुंचना होगा आसान
नई सड़क बनने से सलूंबर, बांसवाड़ा और आसपास के आदिवासी तथा ग्रामीण इलाकों के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों से उदयपुर और अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंचने में लंबा समय लगता है, लेकिन हाईवे के उन्नयन के बाद यात्रा अधिक तेज, आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच भी बेहतर होगी।
कृषि और व्यापार क्षेत्र को मिलेगा लाभ
बेहतर सड़क संपर्क का सबसे बड़ा लाभ कृषि और व्यापार क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। किसानों के लिए अपनी उपज को मंडियों और बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे परिवहन लागत कम हो सकती है। वहीं व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और माल ढुलाई में लगने वाला समय घटेगा।
पर्यटकों की बढ़ेगी आवाजाही
दक्षिण राजस्थान प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है। सड़क सुविधाओं में सुधार होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है। इससे स्थानीय होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य व्यवसायों को नया अवसर मिलेगा तथा रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
ये 14 हाईवे बदलेंगे राज्य की तस्वीर
मयानिया-तिंवरी-देचू व जोधपुर-तिंवरी (108.4 KM)
राजगढ़-भादरा रोड (59.48 KM)
नटनी का बारा-मालाखेड़ा-मौजपुर सेक्शन (25.7 KM)
साठिन-गोटन (30.644 KM)
दूदू-भाटीपुरा (38 KM)
बूंदी-सिलोर-भोपतपुरा सेक्शन (43.86 KM)
माल-बामोरी मांगरोल-बारां सेक्शन (40.845 KM)
गढ़ी-बागीदोरा-कुशलगढ़ (78.6 KM)
धरियावद-पारसोला सेक्शन (30.5 KM)
रानीवाड़ा-मंदार-आबू रोड स्टेट हाईवे-11 (107 KM)
सलूंबर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे-32 (83 KM)
रोहित-अहोर स्टेट हाईवे-64 (111 KM)
विजयनगर-ब्यावर सेक्शन (42 KM)
दूदू-फागी (96.9 KM)
विश्व बैंक की मदद से चल रही है परियोजना
राजस्थान में सड़क अवसंरचना को आधुनिक बनाने के लिए 14 प्रमुख स्टेट हाईवे को चिन्हित किया गया है। इनमें से कई परियोजनाओं पर काम जारी है जबकि कुछ पूरी भी हो चुकी हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना को विश्व बैंक के सहयोग से लागू किया जा रहा है और इसकी निगरानी राजस्थान स्टेट हाईवेज अथॉरिटी कर रही है।
आदिवासी इलाके विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे
विशेषज्ञों का मानना है कि सलूंबर-बांसवाड़ा हाईवे का उन्नयन केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार भी बनेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आदिवासी बहुल इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
