हरियाणा में शिक्षा विभाग के नोटिस से 15 हजार शिक्षकों को झटका ! HTET पास करना अनिवार्य, वरना नौकरी जाएगी
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा में शिक्षा विभाग के नोटिस से 15 हजार शिक्षकों को झटका लगा है। शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा शिक्षा निदेशालय के नोटिस से शिक्षकों में हलचल मच गई। नोटिस के अनुसार, 1 सितंबर 2025 तक जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में 5 साल से अधिक समय बचा है और हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं की है, उन्हें इसे पास करना होगा। HTET पास नहीं करते हैं तो नौकरी छोड़नी होगी या अनिवार्य रूप से रिटायर किया जा सकता है।
वहीं, 1 सितंबर 2025 तक जिनके रिटायरमेंट में 5 वर्ष से कम समय रह गया और HTET पास नहीं किया है तो वे रिटायरमेंट तक भी सेवा जारी रख सकते हैं। शर्त यह होगी कि ऐसे शिक्षक पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे। पदोन्नति तभी होगी, जब वे HTET पास कर लेंगे। Haryana News
प्रभावितों में 3 हजार स्कूल लेक्चरर, 12 हजार प्राइमरी टीचर
साल में 2 बार HTET का आयोजन
शिक्षा निदेशालय के इस फैसले से प्रदेश के 15 हजार से ज्यादा शिक्षकों का प्रभावित होना तय है। इनमें 3 हजार स्कूल लेक्चरर तो 12 हजार प्राइमरी टीचर शामिल हैं। निदेशालय ने नोटिस में कहा है कि भिवानी बोर्ड की ओर से साल में 2 बार HTET का आयोजन किया जाएगा। राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षकों को इस नोटिस की जानकारी दें। Haryana News
4 साल के अनुभव पर दी गई थी छूट
केंद्र सरकार की ओर से राइट-टू एजुकेशन एक्ट में शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य की थी। हरियाणा सर्विस रूल-2012 में HTET अनिवार्य किया गया, लेकिन सरकार ने भर्तियों में यह नियम बना दिया कि कोई 4 वर्ष का अनुभव प्रमाण-पत्र देता है तो उसे HTET में छूट दे दी जाएगी। Haryana News
ऐसे में बिना HTET के भी शिक्षकों की नियुक्ति होती रही। बताया गया है कि नेशनल काउंसिलिंग फॉर टीचर एजुकेशन भी समय-समय पर सरकार को अपने पत्र के जरिए HTET कराने का जिक्र करती रही, लेकिन सरकारों ने ध्यान ही नहीं दिया।
