1kW, 2kW या 3kW ? घर के लिए कौन सा सोलर सिस्टम रहेगा बेस्ट, यहां समझिए पूरा गणित

 | 
1kW, 2kW या 3kW ? घर के लिए कौन सा सोलर सिस्टम रहेगा बेस्ट, यहां समझिए पूरा गणित 

Udaipur Times,  What size solar system is needed for a home : बिजली के बढ़ते बिलों के बीच सोलर सिस्टम अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बनता जा रहा है। हालांकि सोलर सिस्टम लगवाने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि घर के लिए कितने kW का सिस्टम पर्याप्त रहेगा। इसका जवाब आपके घर के आकार, बिजली खपत और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर निर्भर करता है।

3BHK घर के लिए कितना सोलर सिस्टम चाहिए?

आमतौर पर भारत में एक 3BHK घर हर महीने 300 से 600 यूनिट बिजली की खपत करता है। ऐसे में जरूरत के अनुसार 3 kW से 5 kW तक का सोलर सिस्टम पर्याप्त माना जाता है।

घर का प्रकार
सोलर क्षमता
3BHK (बिना AC)
3-4 kW
3BHK (1 AC)
4-5 kW
3BHK (2 AC)
5-6 kW
3BHK (3 AC)
7-8 kW

क्या 3kW सोलर सिस्टम पर्याप्त है?

3kW का सोलर सिस्टम रोजाना लगभग 12-15 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है और महीने में 360-450 यूनिट तक बिजली उपलब्ध करा सकता है।

यह सिस्टम इन उपकरणों के लिए उपयुक्त है:

3-4 पंखे
6-8 LED लाइट
लैपटॉप
फ्रिज
टीवी
वॉशिंग मशीन
सीमित उपयोग वाला 1 AC

हालांकि अगर घर में दो या उससे ज्यादा AC लगातार चलते हैं, तो 3kW सिस्टम पर्याप्त नहीं होगा।

अगर घर में 3 AC हैं तो क्या करें?

तीन 1.5 टन AC चलाने वाले घरों में बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है। ऐसे घरों के लिए कम से कम 7-8 kW क्षमता का सोलर सिस्टम लगाने की सलाह दी जाती है।

कौन-सा सिस्टम चुनना चाहिए?

अगर आपके क्षेत्र में रोजाना 2 घंटे से ज्यादा बिजली कटौती होती है, तो हाइब्रिड सोलर सिस्टम बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें बैटरी बैकअप की सुविधा मिलती है और बिजली जाने पर भी जरूरी उपकरण चलते रहते हैं।
वहीं, यदि आपके इलाके में बिजली की आपूर्ति नियमित है और पावर कट की समस्या कम है, तो ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम ज्यादा किफायती और लाभदायक साबित होगा। इसमें अतिरिक्त बिजली ग्रिड को भेजकर नेट मीटरिंग का लाभ भी लिया जा सकता है।

कितनी बैटरी की होगी जरूरत?

ऑन-ग्रिड सिस्टम: बैटरी की जरूरत नहीं।
2-3 घंटे बैकअप: 5 kWh बैटरी।
4-6 घंटे बैकअप: 10 kWh बैटरी।
8-10 घंटे बैकअप: 15 kWh बैटरी।

सोलर सिस्टम लगवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मासिक बिजली खपत का आकलन करें।

छत पर उपलब्ध जगह की जांच करें।

अपने क्षेत्र में मिलने वाली धूप का अध्ययन करें।

भविष्य में बढ़ने वाली बिजली जरूरतों को ध्यान में रखें।

भरोसेमंद कंपनी और गुणवत्तापूर्ण इन्वर्टर का चयन करें।

कितने साल में निकल जाएगी लागत?

विशेषज्ञों के अनुसार सही क्षमता का सोलर सिस्टम लगाने पर बिजली बिल में हर महीने हजारों रुपये की बचत हो सकती है। सामान्य तौर पर 4 से 6 साल में इसकी लागत निकल जाती है, जबकि सोलर पैनलों की उम्र 20 से 25 साल तक होती है। यानी एक बार निवेश करने के बाद कई वर्षों तक लगभग मुफ्त बिजली का लाभ लिया जा सकता है।

कैसे करें आवेदन

स्टेप-1: ऑनलाइन आवेदन करें

सबसे पहले पीएम सूर्य घर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:

PM Surya Ghar Portal

इसके बाद "Apply for Rooftop Solar" पर क्लिक करें और आगे की प्रक्रिया पूरी करें।

मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें।

अपना राज्य और जिला चुनें।

बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का चयन करें।

बिजली उपभोक्ता संख्या (Consumer Number) दर्ज करें।

उपभोक्ता का नाम और ईमेल आईडी भरें।

बिजली बिल और छत की फोटो अपलोड करें, जहां सोलर पैनल लगाया जाना है।

कैप्चा भरकर फॉर्म सबमिट कर दें।

स्टेप-2: पोर्टल पर लॉगिन करें

आवेदन जमा करने के बाद उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर की मदद से लॉगिन करें और रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन फॉर्म पूरा भरें।

स्टेप-3: सोलर प्लांट लगवाएं

फीजिबिलिटी अप्रूवल (Feasibility Approval) मिलने के बाद अपनी DISCOM में पंजीकृत (Registered) विक्रेता से सोलर प्लांट लगवाएं।

स्टेप-4: नेट मीटर के लिए आवेदन करें

सोलर प्लांट लगने के बाद उसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें और नेट मीटर (Net Meter) के लिए आवेदन करें।

स्टेप-5: कमीशनिंग सर्टिफिकेट प्राप्त करें

DISCOM की ओर से निरीक्षण और नेट मीटर इंस्टॉल होने के बाद पोर्टल पर कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

स्टेप-6: सब्सिडी प्राप्त करें

कमीशनिंग रिपोर्ट मिलने के बाद पोर्टल पर अपने बैंक खाते का विवरण और कैंसिल चेक अपलोड करें। सभी दस्तावेज सत्यापित होने के बाद सरकार की ओर से सब्सिडी की राशि 30 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News