दिल्ली से चेन्नई के लिए तैयार होगा 2200 KM नया एक्सप्रेसवे, जाने किन-किन राज्यों को मिलेगा फायदा ?
Udaipur Times, New Expressway : भारत में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच परिवहन को सुगम और तेज बनाने के लिए कई बड़े एक्सप्रेसवे कॉरिडोर और नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है। यदि आप दिल्ली से चेन्नई के बीच बनने वाले या जोड़े जाने वाले नए सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे नेटवर्क की बात कर रहे हैं, तो इसके मुख्य विकल्प और रूट इस प्रकार हैं:
1. दिल्ली से चेन्नई नया वैकल्पिक एक्सप्रेसवे कॉरिडोर (लगभग 2,200 किमी)
हाल ही में घोषित और कई मौजूदा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक नया व अपेक्षाकृत छोटा वैकल्पिक हाई-स्पीड रूट तैयार किया जा रहा है, जो लगभग 7 राज्यों (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु) से होकर गुजरता है।
रूट का सफर और चरण
दिल्ली से आगरा: शुरुआत यमुना एक्सप्रेसवे (लगभग 165 किमी) के जरिए नोएडा/ग्रेटर नोएडा से जेवर, अलीगढ़ और मथुरा होते हुए आगरा तक होती है।
आगरा से ग्वालियर व मध्य प्रदेश: आगरा-ग्वालियर रूट और नए संपर्क मार्गों से होते हुए यह मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रवेश करता है।
बुंदेलखंड से नागपुर: यह झांसी, बबीना, सागर, लखनादौन और सिवनी (NH-44 नेटवर्क) से होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर तक पहुंचता है।
नागपुर से हैदराबाद: नागपुर-हैदराबाद-बेंगलुरु कॉरिडोर के जरिए यह आदिलाबाद और निजामाबाद से होते हुए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से जुड़ता है।
हैदराबाद से चेन्नई: अंत में यह नलगोंडा, गुंटूर, अमरावती, ओंगोल और नेल्लोर से होते हुए नेशनल हाईवे 16 (NH-16) के रास्ते चेन्नई में प्रवेश करता है।
2. वैकल्पिक हाई-स्पीड रूट: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए
आप चाहें तो देश के सबसे लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (लगभग 1,350 किमी) के जरिए भी दक्षिण भारत की तरफ बढ़ सकते हैं।
इसके बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और आगे बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे या पुणे-बेंगलुरु नेटवर्क का उपयोग करके चेन्नई तक का सफर तय किया जा सकता है।
3. पश्चिम से दक्षिण का प्रमुख प्रोजेक्ट: सूरत-चेन्नई / नासिक-चेन्नई एक्सप्रेसवे
यदि आप विशेष तौर पर पश्चिमी और दक्षिणी भारत को जोड़ने वाले मुख्य ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की बात कर रहे हैं, तो नासिक-चेन्नई (पूर्ववर्ती सूरत-चेन्नई) एक्सप्रेसवे एक महत्वपूर्ण 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर है:
कुल लंबाई: लगभग 1,271 किलोमीटर।
राज्यों से गुजरना: यह नासिक (महाराष्ट्र) से शुरू होकर कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश होते हुए तमिलनाडु (चेन्नई) तक जाता है।
मुख्य उद्देश्य: यह कॉरिडोर पश्चिमी औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ता है और इससे यात्रा के समय में भारी कमी आने की उम्मीद है।