आयुष महाविद्यालयों में प्रतिवर्ष 250 दिन अध्ययन-अध्यापन आवश्यक: वेदप्रकाश त्यागी
शुक्रवार को भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद के अध्यक्ष वैद्य वेदप्रकाश त्यागी ने मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर में उपस्थित छात्रों-शिक्षकों एवं आयुष चिकित्सकों को उद्बोधन देते हुये कहा कि सीसीआईएम के न्यूनतम मानकों की अधिसूचना भारत-सरकार के गजट में प्रकाशित की जा चुकी है, प्रत्येक महाविद्यालय को मान्यता प्राप्त करने के लिये इन मानकों की पूर्ति करना आवश्यक एवं अनिवार्य होगा।

शुक्रवार को भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद के अध्यक्ष वैद्य वेदप्रकाश त्यागी ने मदन मोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर में उपस्थित छात्रों-शिक्षकों एवं आयुष चिकित्सकों को उद्बोधन देते हुये कहा कि सीसीआईएम के न्यूनतम मानकों की अधिसूचना भारत-सरकार के गजट में प्रकाशित की जा चुकी है, प्रत्येक महाविद्यालय को मान्यता प्राप्त करने के लिये इन मानकों की पूर्ति करना आवश्यक एवं अनिवार्य होगा।
वैद्य त्यागी ने बताया कि पूर्व में महाविद्यालय के निरीक्षण की सूचना सम्बन्धित निरीक्षकों एवं कॉलेज संचालकों को दी जाती थी जिससे निरीक्षण के समय तो मानकों की पूर्ति कर ली जाती थी, किन्तु बाद में अध्यापन एवं चिकित्सालयों में निरन्तर व्यवस्था नहीं रहती थी, इस कमी को दूर करने के लिये अब सीसीआईएम के द्वारा बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण अचानक निरीक्षण कराये जायेंगे।
उन्होंने कहा कि देशभर में 50 हजार आयुष चिकित्सकों को एनआरएचएम योजनान्तर्गत राज्यसेवा के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे आयुर्वेद स्नातकों को बेरोजगारी का सामना नहीं करना पडेगा। शिक्षकों एवं चिकित्सकों के लिये सतत् चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रमों में भाग लेना होगा, जिससे वे अपने ज्ञान को अद्यतन रख सकें।
प्रारम्भ में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. महेश दीक्षित ने सीसीआईएम अध्यक्ष का स्वागत किया। प्रो. जी.एस. इन्दौरिया, प्रो. बालकृष्ण शर्मा एवं डॉ. इन्दुशेखर ने भी विचार रखे।
