विश्वविद्यालय का 27 मान्यता दिवस मनाया
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय, उदयपुर का 27 वां मान्यता दिवस समारोह रविवार को कम्प्यूटर साईंस एण्ड इन्फोरमेशन एण्ड टेक्नोलॉजी के सभागार में समारोहपूर्वक मनाया गया।
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय, उदयपुर का 27 वां मान्यता दिवस समारोह रविवार को कम्प्यूटर साईंस एण्ड इन्फोरमेशन एण्ड टेक्नोलॉजी के सभागार में समारोहपूर्वक मनाया गया।
विश्वविद्यालय के डॉ. प्रकाश शर्मा ने बताया कि, समारोह के मुख्य अतिथि कुलाधिपति प्रो. बी.एस. गर्ग ने कहा कि 21 अगस्त, 1937 को स्थापित राजस्थान विद्यापीठ को 12 अगस्त, 1987 को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई दिल्ली ने कतिपय विभागों को मिलाकर राजस्थान विद्यापीठ को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि विद्यापीठ में हमेशा विभिन्नता में एकता रही है जिसे हर स्थिति में न केवल बनाये रखना है बल्कि आगे बढा कर दूसरों के उदाहरण बनाना होगा।
उन्होने कहा कि किसी भी संस्था के विकास के साथ विश्वसनीयता, पारदर्शिता, गुणवत्ता और क्षमता की अपेक्षा होती है जो विद्यापीठ में है। कार्यकर्ताओं विभागों एवं अन्य सम्बंधितों में समस्याएं आती है जिसका समाधान आपस में मिल बैठ कर किया जाना चाहिए।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने सभी कार्यकर्ताओं का आव्हान किया विद्यापीठ को और अधिक समृद्धशाली एवं प्रगतिशील बनाने के लिए एकजुट हो कर कार्य करेंगे तभी इन उचांईयों तक पहुंच सकेंगे।
समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रोढ़ शिक्षा संघ नई दिल्ली के निदेशक शिक्षाविद् डॉ. वी. मोहनकुमार थे। वी. मोहनकुमार ने विद्यापीठ के विस्तार तथा शैक्षणिक गुणवत्ता वृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर प्रो. एन.एस. राव, डॉ. ललित पाण्डे्य, डॉ. सी.पी. अग्रवाल, डॉ. सुमन पामेचा, डॉ. एल.एन. नन्दवाना, डॉ. हरीश शर्मा, डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. मंजू मांडोत, डॉ. सरोज गर्ग, डॉ. राजन सूद, डॉ. शैलेन्द्र मेहता, डॉ. आर.पी. सनाढ्य, डॉ. सुभाष बोहरा, ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
