आरएनटी में 3 दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ
शहर के आरएनटी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (आरएनटी) के एनेस्थेसिओलोजी डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला आज से प्रारंभ हुई। ‘राजिसकोन एवं विसकोन’ पर आयोजित इस कार्यशाला में देश और राज्य के निश्चेतना विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया।
शहर के आरएनटी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (आरएनटी) के एनेस्थेसिओलोजी डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला आज से प्रारंभ हुई। ‘राजिसकोन एवं विसकोन’ पर आयोजित इस कार्यशाला में देश और राज्य के निश्चेतना विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया।
कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. ललित रेगर ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला में देशभर के 400 चिकित्सकों ने भाग ले रहे है और कार्यशाला को 4 भागो में बांटा गया, कार्यशाला को पीडारहित प्रसव (लेबर एनालजेशिया), गहन चिकित्सा में आवश्यक मेकेनिकल वेंटिलेशन, यू.एस.जी. गाइडे डनर्वब्लोक एवं डिफिकल्ट एयर वेपर नामक बिमारियों के आधार पर अलग-अलग सत्रों में आयोजित की गई।
कार्यशालाओं में भाग लेने आए सभी चिकित्सक नई तकनीकों से के बारे में बताया गया और उन पर विस्तृत जानकारी दी गई।
दो दिनों में 2 दिनों के दौरान होने वाले कांफ्रेंस में देश एवं विदेशों से आए चिकित्सकों द्वारा निश्चेतना से संबंधित नवीनतम तकनीकों पर शोध पत्रिका का पत्र वाचन किया जाएगा।
कल की कांफ्रेंस में कृत्रिम हार्टवाल्व के साथ महिलाओं में प्रसव एवं अत्यधिक रक्तचाप से सिजेरियन डिलीवरी पर पाकिस्तान, मलेशिया, आस्ट्रेलिया से आए विशेषज्ञ व्याख्यान देगें।
