गंगा किनारे यहां बनने जा रहे 3 नए एक्सप्रेसवे ! 219 KM के होंगे तीनों प्रोजेक्ट, जाने कहां-कहां मिलेगा फायदा ?
Udaipur Times, New Delhi : सड़कों को जोड़ने के इए सरकार बहुत ही तेजी से काम कर रही है, बिहार में गंगा किनारे सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए गंगा पथ प्रोजेक्ट के तहत 3 नए एक्सप्रेसवे/पथों के निर्माण को लेकर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इन तीनों परियोजनाओं की कुल लंबाई 219 किलोमीटर होगी।
इस प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी अपडेट और डीपीआर (DPR - Detailed Project Report) की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
3 नए गंगा पथ और उनकी लंबाई
बिहार राज्य पथ निर्माण विकास निगम की निगरानी में बनने वाले इन तीनों पथों का विवरण इस प्रकार है:
विश्वामित्र पथ (बक्सर से कोइलवर):
लंबाई: लगभग 90 किलोमीटर
विवरण: यह बक्सर-आरा-मनेर (कोइलवर) तक बनेगा। इससे पश्चिम बिहार और उत्तर प्रदेश की तरफ से आने-जाने वाले वाहनों को पटना तक सीधी और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी।
अंबिका पथ (बिदुपुर से दिघवारा)
लंबाई: लगभग 56 किलोमीटर
विवरण: यह गंगा के दक्षिणी छोर पर बिदुपुर से दिघवारा के बीच बनाया जाएगा, जिससे पटना से बक्सर तक की कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी।
नारायणी पथ (दरिहारा/कोन्हुआ से डुमरिया घाट)
लंबाई: लगभग 73 किलोमीटर
विवरण: यह सारण जिले के दरिहारा (कोन्हुआ) से शुरू होकर गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट तक जाएगा। इससे बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी आवागमन आसान होगा।
DPR (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) में क्या-क्या खास रहेगा?
सरकार द्वारा नियुक्त कंसल्टेंट (परामर्शी) एजेंसियों ने इन परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है और इन्हें 3 महीने के भीतर DPR सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआर में निम्नलिखित बिंदुओं पर मुख्य रूप से फोकस किया जाएगा:
फाइनल एलाइनमेंट: शुरुआती एलाइनमेंट तय हो चुका है, जिसे डीपीआर में पूरी तरह अंतिम रूप दिया जाएगा।
लागत का आकलन: सड़क और इससे जुड़े स्ट्रक्चर के निर्माण में कुल कितना खर्च आएगा, इसका सटीक वित्तीय आकलन किया जाएगा।
25 साल का ट्रैफिक प्लान: इन प्रोजेक्ट्स को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। डीपीआर में अगले 25 सालों में ट्रैफिक के दबाव और वाहनों की संख्या की संभावना का विशेष अध्ययन किया जा रहा है।
टोल टैक्स का प्रावधान: भविष्य में इन पथों पर सफर करने के लिए लगने वाले संभावित टोल टैक्स और उससे होने वाली वसूली की रूपरेखा भी इसी रिपोर्ट का हिस्सा होगी।
आगे की क्या योजना है?
निर्माण की शुरुआत: कंसल्टेंट द्वारा डीपीआर सौंपे जाने के बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर (निविदा) प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन तीनों नए गंगा पथों का निर्माण कार्य नए साल (आगामी महीनों में) शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से पटना सहित बिहार के एक बड़े हिस्से में न केवल ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश तक का सफर भी कम समय में तय हो सकेगा।