661 गांवों से होकर गुजरेंगे 3 नए एक्सप्रेसवे ! जमीन अधिग्रहण शुरू, लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, 3 New Expressways : उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का एक बार फिर बड़ा विस्तार होने जा रहा है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने के लिए तीन नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की घोषणा की है।
सरकार जिन तीन नए एक्सप्रेसवे का निर्माण करेगी, उनमें मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे (Meerut-Haridwar Expressway), विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway) और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Vindhya-Purvanchal Expressway) शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और विधानसभा चुनाव से पहले इनके निर्माण कार्य की शुरुआत करने की तैयारी है।
मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे (Meerut-Haridwar Expressway) का रूट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे करीब 150 किलोमीटर लंबा होगा। यह मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और हरिद्वार जिलों के 185 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए सरकार करीब 2,000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करेगी। साथ ही इस एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क पहले से अधिक बेहतर हो जाएगा।
341 गांवों को जोड़ेगा विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway)
अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित 330 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों को आपस में जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे 341 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण के लिए करीब 4,600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Vindhya-Purvanchal Expressway) से मिलेगा बड़ा फायदा
विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए 130 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का भी निर्माण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी तथा मिर्जापुर के 135 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए करीब 2,800 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, तीनों नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने, भूमि अधिग्रहण की विस्तृत योजना तैयार करने और उसे राज्य परिवर्तन आयोग (State Transformation Commission) को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
कब शुरू होगा निर्माण कार्य?
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इन तीनों एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू करना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक बेहतर होगी। साथ ही व्यापार, उद्योग, पर्यटन और माल परिवहन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
