कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल एवं गीतांजली कैंसर सेंटर, उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में पूर्व कैंसरग्रस्त रोगियों के लिए ‘‘कैंसर अवेरयरनेस प्रोग्राम एवं सर्वाइवर मीट 2019-चरण 2’’ का आयोजन गीतांजली सभागार में हुआ। इस प्रोग्राम की थीम डब्लयूएचओ की थीम पर आधारित ‘आई एम आई विल’ थी। यह आयोजन कैंसर से लड़ने व ठीक होने वाले रोगियों का आयोजन था जिसमें कैंसरमुक्त हुए रोगी इस मीट द्वारा सामान्य ज़िदगी में लौट सके।

 

कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल एवं गीतांजली कैंसर सेंटर, उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में पूर्व कैंसरग्रस्त रोगियों के लिए ‘‘कैंसर अवेरयरनेस प्रोग्राम एवं सर्वाइवर मीट 2019-चरण 2’’ का आयोजन गीतांजली सभागार में हुआ। इस प्रोग्राम की थीम डब्लयूएचओ की थीम पर आधारित ‘आई एम आई विल’ थी। यह आयोजन कैंसर से लड़ने व ठीक होने वाले रोगियों का आयोजन था जिसमें कैंसरमुक्त हुए रोगी इस मीट द्वारा सामान्य ज़िदगी में लौट सके।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उदयपुर के संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा, गीतांजली ग्रुप के कार्यकारी निदेशक अंकित अग्रवाल, गीतांजली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डाॅ आरके नाहर, गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ नरेंद्र मोगरा, गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल के सीईओ प्रतीम तम्बोली व कैंसर विभाग के सभी चिकित्सकों ने दीप प्रज्जवलन कर आयोजन की शुरूआत की।

कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

कार्यक्रम की शुरूआत ‘तेरी पनाह में हमें रखना’ प्रार्थना से हुई जो गीतांजली हाॅस्पिटल के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत स्टाफ ने गाया जिससे दर्शक भावुक हो गए। इसके पश्चात् ओंको सर्जन डाॅ आशीष जाखेटिया ने प्रजेंटेशन के माध्यम से कैंसर पर जागरुकता संवाद प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भारत में हर रोज 3000 नए कैंसर रोगियों का निदान किया जा रहा है।

कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

पूरे विश्व की बात की जाए तो ये आंकड़ा लगभग 1 करोड़ है जिसमें से 33 लाख लोगों को बचाया जा सकता है यदि वे सही समय पर अपना इलाज करायें। कैंसर का निदान संभव है बस जरुरत है इसे पहचानने की एवं सही समय पर इलाज कराने की। तत्पश्चात् 2016 में आयोजित हुए कैंसर सरवाइवर प्रोग्राम ‘न्यू बिगीन्निंग्स’ की झलकियां विडीयो के माध्यम से दिखाया गया जिसने सभागार में मौजूद सभी श्रोताओं में जोश भर दिया।

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कैंसर से ठीक हुए जीवन प्रजापत ने अपने पिता के बारे में बताते है कि जब उन्हें पता चला कि उनके 60 वर्षीय पिता जी को कैंसर है तो वे काफी हताश हो गए। परंतु गीतांजली कैंसर सेंटर पर वे इलाज के लिए आए और आज पूरे दो वर्ष बाद उनके पिता बिल्कुल स्वस्थ है। उन्होंने सभी डाॅक्टर्स का अभिवादन किया और कहा कि कैंसर से डरें नहीं, उसका इलाज कराएं।

कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

पाली निवासी बद्री सिंह बताते है कि उनकी नातिन योगेश कुंवर के गले में गांठ थी। जांच कराने पर पाया गया कि वह कैंसर की गांठ है। अहमदाबाद के निजी हाॅस्पिटल में गांठ का ऑपरेशन करवाया परंतु आराम न पड़ा। पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उसके बाद वे गीतांजली कैंसर सेंटर आए जहां डाॅक्टर द्वारा इलाज किया गया और अब योगेश बिल्कुल स्वस्थ है। 12 वर्षीय योगेश बताती है कि उसके ठीक हो जाने पर उसे उतनी ही खुशी हुई है जैसे स्कूल की किसी प्रतियोगिता में अव्वल आने पर होती है।

आठवीं कक्षा में अध्ययनरत पूजा कुंवर के गले में कैंसर की गांठ का ऑपरेशन पहले अहमदाबाद में हो चुका था। परंतु आराम न पड़ा जिसके चलते वे गीतांजली कैंसर सेंटर आए और ऑपरेशन के बाद अब वह बिल्कुल स्वस्थ है। मुँह के चौथी स्टेज के कैंसर से ठीक हुए हेमन्त शर्मा ने हारमोनियम बजा संगीत प्रस्तुत किया और संदेश दिया कि संगीत कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है।

कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

14वर्षीय प्रेम कुमार मीणा ने ‘‘ये मत कहो खुदा कि मुश्किलें बड़ी है’’ शीर्षक कविता का वाचन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अहमदाबाद से इलाज करवाने के बाद भी कोई आराम न मिलने पर परिजन उसे गीतांजली हाॅस्पिटल लाए और अब वह स्वस्थ है। 71 वर्षीय विमला जैन बताती है कि उन्हें आज कैंसर से जंग लड़ते हुए 38 वर्ष हो गए। पहली बार 32 वर्ष की उम्र में उन्हें स्तन कैंसर हुआ था। उसके हर पांच साल बाद उन्हें शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कैंसर होता गया। टाटा मेमोरियल हाॅस्पिटल से इलाज ले चुकी विमला जैन गीतांजली कैंसर सेंटर से अब अपना इलाज जारी रख रही है।

डांस की शौकीन रही खुशी जाट को दो वर्ष पूर्व गले में कैंसर का पता चला। अहमदाबाद जाने पर ऑपरेशन की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन गीतांजली कैंसर सेंटर आए जहां बिना ऑपरेशन केवल रेडियोथैरेपी द्वारा इलाज कर बच्ची को स्वस्थ किया गया। मुस्कान क्लब के डीसी कोठारी ने अपने वकतव्य में कहा कि कैंसर कोई मुश्किल बीमारी नहीं है जिससे पार नहीं पाया जा सके। हौसले और इच्छाशक्ति से कैंसर के खिलाफ भी जंग जीती जा सकती है।

साथ ही कैंसर रोगी परेश, खुशी, भाविका एवं प्रेम कुमार मीणा ने ’चक धूम-धूम’ गानों पर नृत्य कर दर्शकों का मन गद्गद् कर दिया। कार्यक्रम में इंसानियत ग्रुप के सदस्यों ने ‘आशाएं’ गाने पर प्रस्तुति दी और मौजूद सभी श्रोताओं को जिंदगी जीने की उम्मीदों से भर दिया। और डे केयर में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया।

कैंसर के 300 मरीजों ने बयां की कैंसर से जीत की कहानी

कार्यकारी निदेशक अंकित अग्रवाल ने बताया कि यह प्रोग्राम उनके लिए काफी मार्मिक क्षण भरा है। 6 साल पूर्व हुई गीतांजली कैंसर सेंटर की शुरुआत का मकसद रोगियों को कैंसर से ठीक करने के साथ-साथ उदयपुर में ही अच्छा इलाज उपलब्ध कराना था। जल्द ही गीतांजली कैंसर सेंटर में पेट स्कैन एवं हाई एंड एमआरआई मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सीईओ प्रतीम तम्बोली ने कहा कि यह कार्यक्रम हर साल आयोजित होगा जिससे अन्य रोगियों को भी कैंसर से लड़ने का प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही कहा कि कैंसर से लड़ा जा सकता है एवं जीता भी जा सकता है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक समूहों को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अग्रणी कार्य करने पर सम्मानित किया गया।

साथ ही इस कार्यक्रम में सभी अतिथियों द्वारा गीतांजली कैंसर सरवाइवर ग्रुप का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का संचालन ओंको कार्डिनेटर ममता पुरोहित एवं 92.7 बिग एफएम के अंशुमन ने किया व धन्यवाद ज्ञापन डाॅ रमेश पुरोहित ने किया।

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