दिल्ली से 4 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की तैयारी, यूपी-बिहार-हरियाणा-राजस्थान-पंजाब को मिलेगा फायदा
Udaipur Times, Bullet Train Delhi to Varanasi : मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बाद अब केंद्र सरकार की नजर राष्ट्रीय दिल्ली पर है। सरकार राजधानी दिल्ली को देश का सबसे बड़ा बुलेट ट्रेन हब (Bullet Train Hub) बनाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत दिल्ली से चार प्रमुख दिशाओं में हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
इनमें दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। यह परियोजना उन सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में शामिल है, जिनकी घोषणा केंद्र सरकार ने आम बजट में की थी। इन सभी परियोजनाओं पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
आने वाले समय में दिल्ली से वाराणसी, सिलीगुड़ी, जयपुर, अहमदाबाद और अमृतसर तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है। फिलहाल इन परियोजनाओं पर सर्वे, डिजाइन, डीपीआर और फिजिबिलिटी रिपोर्ट का काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है।
1. दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Delhi-Lucknow-Varanasi Bullet Train Corridor)
यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण हाईस्पीड रेल परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इसके जरिए दिल्ली, नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहर आपस में जुड़ेंगे। इसके अलावा लखनऊ से अयोध्या तक अलग हाईस्पीड लिंक बनाने का भी प्रस्ताव है।
करीब 813 से 865 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 13 से 15 स्टेशन प्रस्तावित हैं। बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा करीब 2 घंटे 10 मिनट और दिल्ली से वाराणसी का सफर लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस परियोजना के सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं।
2. दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी (Delhi-Varanasi-Siliguri Bullet Train Corridor) बनेगा देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट
सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (Delhi-Varanasi-Siliguri Bullet Train Corridor) है। करीब 1705 किलोमीटर लंबा यह रूट भारत का सबसे लंबा हाईस्पीड रेल नेटवर्क होगा।
प्रस्तावित रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, मथुरा, आगरा, लखनऊ, वाराणसी, बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) तक जाएगा। भविष्य में इसे असम के गुवाहाटी तक बढ़ाने की भी योजना है।
इस हाईस्पीड रेल के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर, जो अभी करीब 20 घंटे में पूरा होता है, घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा। रेलवे मंत्रालय फिलहाल इस कॉरिडोर के सर्वे और फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर काम कर रहा है।
3. दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Delhi-Jaipur-Udaipur-Ahmedabad Bullet Train)
दिल्ली से राजस्थान और गुजरात को जोड़ने वाला यह हाईस्पीड रेल कॉरिडोर भी सरकार की प्राथमिकता में है। करीब 886 किलोमीटर लंबे इस रूट से दिल्ली, जयपुर, उदयपुर और अहमदाबाद के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।
इस रूट के अहम स्टेशन होंगे- द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, नीमराना, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और अहमदाबाद। यह कॉरिडोर आगे चलकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Bullet Train) से भी जुड़ेगा, जिससे दिल्ली से मुंबई तक हाईस्पीड रेल यात्रा संभव हो सकेगी। फिलहाल इसकी डीपीआर तैयार है और मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
4. दिल्ली-अमृतसर-जम्मू बुलेट ट्रेन (Delhi-Amritsar-Jammu Bullet Train)
सरकार दिल्ली से पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने के लिए भी हाईस्पीड रेल नेटवर्क विकसित करने की योजना बना रही है। यह रूट दिल्ली, रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पठानकोट, जम्मू और कटरा तक जाएगा। करीब 450 से 500 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 10 से 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से अमृतसर की यात्रा करीब 2 घंटे में पूरी हो सकेगी। फिलहाल यह परियोजना शुरुआती सर्वे और रूट अलाइनमेंट के चरण में है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train) कब होगी शुरू?
भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का पहला चरण सूरत से बिलिमोरा के बीच वर्ष 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है। वहीं पूरे मुंबई-अहमदाबाद रूट को 2029 तक चालू करने की योजना है।
सरकार का लक्ष्य हर साल करीब 250 किलोमीटर हाईस्पीड रेल ट्रैक तैयार करना है। इसके साथ ही भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B35 पर भी तेजी से काम चल रहा है, जिसकी टेस्टिंग जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
समुद्र के नीचे बनेगी 7 किलोमीटर लंबी सुरंग
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train) परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा समुद्र के नीचे बनने वाली सुरंग है। लगातार बारिश के बावजूद रेलवे ने इस परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसी कारण रेल मंत्री का मुंबई दौरा भी खराब मौसम के चलते स्थगित कर दिया गया।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि परियोजना में किसी तरह की देरी न हो। सुरंग निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मार्च 2026 में समुद्री रास्ते से दो अत्याधुनिक TBM मशीनें भारत लाई गई थीं। इनका निर्माण जर्मनी में हुआ है और इन्हें Afcons Infrastructure Limited इस्तेमाल कर रही है। कंपनी करीब 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण कर रही है, जिसमें करीब 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा। यह सुरंग जमीन से लगभग 65 मीटर नीचे बनाई जा रही है और भारत में अपनी तरह की पहली अंडरसी हाईस्पीड रेल सुरंग होगी।
दुनिया के चुनिंदा देशों की सूची में और मजबूत स्थान बनाएगा भारत
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train) परियोजना पूरी होने के बाद भारत हाईस्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में दुनिया के चुनिंदा देशों की सूची में और मजबूत स्थान बना लेगा। वहीं आने वाले वर्षों में दिल्ली से प्रस्तावित चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और यात्रा के तरीके को पूरी तरह बदल सकते हैं।
