4 new industrial parks : हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से, सुक्खू सरकार ने चार नए औद्योगिक पार्क विकसित करने की तैयारियों में तेजी ला दी है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित होने वाले इन पार्कों से लगभग 30,000 युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी पहल को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार (मोदी प्रशासन) को एक प्रस्ताव भी सौंपा है। इनमें से दो औद्योगिक पार्कों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) के तहत केंद्र सरकार को सौंप दी गई हैं।
नालागढ़ और तहलीवाल में पहले चरण की तैयारियां
उद्योग विभाग ने फिलहाल नालागढ़ (सोलन जिला) और तहलीवाल (ऊना जिला) में विकसित किए जाने वाले औद्योगिक पार्कों के लिए DPR केंद्र सरकार को सौंप दी हैं। इन दो परियोजनाओं पर कुल अनुमानित खर्च लगभग 234 करोड़ रुपये है। विभाग ने केंद्र सरकार द्वारा मांगी गई सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और संबंधित दस्तावेज दिल्ली में जमा कर दिए हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, नालागढ़ के मंजोली औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 150 एकड़ भूमि पर एक औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 154 करोड़ रुपये होगी। वहीं, ऊना जिले के तहलीवाल में 75 एकड़ भूमि पर 80 करोड़ रुपये की लागत से दूसरा औद्योगिक पार्क बनाने की योजना है।
कांगड़ा और सोलन में दो और औद्योगिक पार्कों की योजना
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास की यह पहल केवल नालागढ़ और तहलीवाल तक ही सीमित नहीं रहेगी। राज्य सरकार दो और औद्योगिक पार्क विकसित करने पर भी काम कर रही है एक कद्रोरी (कांगड़ा जिला) में और दूसरा कंडाघाट (सोलन जिला) में। उद्योग विभाग अभी इन दो स्थानों के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। कुल मिलाकर, इस पहल का लक्ष्य पूरे राज्य में चार औद्योगिक पार्क स्थापित करना है। फिलहाल, नालागढ़ और तहलीवाल के प्रस्ताव केंद्र को सौंपे जा चुके हैं, जबकि कद्रोरी और कंडाघाट की परियोजनाएं अभी तैयारी के चरण में हैं। इन चार पार्कों के विकास से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ने और लगभग 30,000 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता
केंद्र सरकार की 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) इन औद्योगिक पार्कों के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती है। इस योजना के तहत देश भर में 100 औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है, जिनमें से चार हिमाचल प्रदेश में होंगे। योजना के प्रावधानों के अनुसार, केंद्र सरकार स्वीकृत औद्योगिक पार्क परियोजनाओं के लिए प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दे सकती है। इससे राज्य में औद्योगिक बुनियादी ढांचे (infrastructure) के विकास को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह केंद्रीय सहायता परियोजनाओं की मंजूरी और तय शर्तों के पालन पर निर्भर करेगी।
दिसंबर 2027 तक DPR को मंजूरी मिलने की उम्मीद
उद्योग विभाग ने इन परियोजनाओं के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अब इन प्रस्तावों को केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है। विभाग को संकेत मिले हैं कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को दिसंबर 2027 तक मंजूरी मिल सकती है, जिससे इन परियोजनाओं की प्रगति में तेजी आने की संभावना है। लगभग 234 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ, ये दो औद्योगिक पार्क इस क्षेत्र में जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास में मदद करेंगे। औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन और जरूरी बुनियादी ढांचे की उपलब्धता से नए उद्योगों को हिमाचल प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर जोर
राज्य सरकार की इस पहल का एक मुख्य उद्देश्य यह है कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। इन नए औद्योगिक पार्कों में उद्योगों की स्थापना से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, बल्कि परिवहन, निर्माण, आपूर्ति, रखरखाव और अन्य सहायक सेवाओं के क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से राज्य में निवेश का माहौल मजबूत होगा और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, रोजगार के वास्तविक अवसर इन पार्कों में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों और उनके कामकाज पर निर्भर करेंगे।
उद्योग मंत्री ने परियोजनाओं की पुष्टि की
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि 'भारत औद्योगिक विकास योजना' के तहत नालागढ़ और तहलीवाल में औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को दो प्रस्ताव भेजे गए हैं। राज्य के उद्योग विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्रालय के अपने समकक्षों के साथ बैठकें कर ली हैं। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही, इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश के लिए प्रस्तावित चार औद्योगिक पार्क केवल नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजनाएं नहीं हैं; इनका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना और लगभग 30,000 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। फिलहाल, इनमें से दो पार्कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्र सरकार को सौंप दी गई है, जबकि बाकी दो परियोजनाओं पर काम चल रहा है।