उदयपुर में श्रमदान से निखर उठी 400 साल सुंदर बाई बावड़ी
Udaipur Times, Vande Ganga Campaign 2026: 5 जून। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रारंभ किए गए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में आमजन की सहभागिता से ऐतिहासिक जल स्त्रोतों का कायाकल्प हो रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाराणा प्रताप कृषि एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय से संबद्ध काॅलेज ऑफ़ टेक्नोलाॅजी एंड इंजीनियरिंग के फाॅर्म में स्थित ऐतिहासिक सुंदरबाई बावड़ी पर आमजन से स्वस्फूर्त श्रमदान किया। इससे लगभग 400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक सुंदर बाई बावड़ीका स्वरूप निखर उठा। Vande Ganga Campaign 2026
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी प्रातःकालीन भ्रमण के लिए एकत्र होते हैं। अभियान से प्रेरित होकर क्षेत्रवासियों ने बावड़ी की सफाई का जिम्मा उठाया। काॅलेज प्रबंधन से चर्चा कर शुक्रवार को सामूहिक श्रमदान किया गया। इसमें उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बावड़ी की साफ-सफाई कर इसकी ऐतिहासिक गरिमा को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया। श्रमदान के दौरान बावड़ी परिसर में फैली गंदगी, झाड़-झंखाड़ और कचरे को हटाया गया। सामूहिक प्रयासों से वर्षों पुरानी इस जल धरोहर का स्वरूप निखर कर सामने आया। Vande Ganga Campaign 2026
अभियान में शामिल लोगों ने जल स्रोतों के संरक्षण एवं पारंपरिक जल संरचनाओं के महत्व पर भी चर्चा की तथा इनके संरक्षण का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने कहा कि बावड़ियां केवल जल संचयन की संरचनाएं ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की पहचान भी हैं। ऐसे में इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। इस दौरान काॅलेज प्रशासन से मनजीतसिंह, फाॅर्म इंचार्ज सचिन सहित आमजन उपस्थित रहे। Vande Ganga Campaign 2026
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिलेभर में जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुंदर बाई बावड़ी में हुए इस श्रमदान ने जल संरक्षण के प्रति समाज की सहभागिता और जागरूकता का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। Vande Ganga Campaign 2026
