44 आयुर्वेदाचार्य एवं योगाचार्य महर्षि चरक सम्मान से सम्मानित
रोटरी क्लब उदयपुर द्वारा आज रोटरी बजाज भवन में महर्षि चरक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें शहर के 11 आुयर्वेदाचार्यो एवं ग्रामीण क्षेत्रों में योग की अलख जगानें वाले 33 योगाचार्यो को महर्षि चरक सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वैद्य बाबूलाल जैन थे।

रोटरी क्लब उदयपुर द्वारा आज रोटरी बजाज भवन में महर्षि चरक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें शहर के 11 आुयर्वेदाचार्यो एवं ग्रामीण क्षेत्रों में योग की अलख जगानें वाले 33 योगाचार्यो को महर्षि चरक सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वैद्य बाबूलाल जैन थे।
समारोह को संबोधित करते हुए बाबूलाल जैन ने कहा कि इन से सम्मान से स्म्मानित होने वाले आयुर्वेदाचार्यो एवं योगाचार्याे की समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
ये सम्मानित हुए आयुर्वेदाचार्य
शहर के 11 आयुर्वेदाचार्य वैद्य शोभालाल औदिच्य, वैद्य बाबूलाल जैन, वैद्य कृष्ण मुरारी अग्रवाल, वैद्य पुष्करलाल चौबीसा, वैद्य आशा पानेरी, वैद्य राजीव भट्ट, वैद्य मुकेश कटारा, वैद्य लता पण्ड्या, वैद्य भावना सनाढ्य, वैद्य ललितसिंह देवड़ा व वैद्य संजय भण्डार को बाबूलाल जैन, क्लब अध्यक्ष डाॅ. प्रदीप कुमावत, सचिव संजय भट नागर व अन्य क्लब सदस्यों ने उपरना, प्रशस्ति पत्र, स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
योगाचार्य हुए सम्मानित
योगाचार्य भागीरथी कार्गी, आरती धाकड़, पूजा खटीक, प्रीतमसिंह चुण्डावत, विनोद रेगर, गौरव जोशी, शंभूसिंह शक्तावत, शिवानी शक्तावत, ललितासिंह यदुवंशी, भूरीलाल प्रजापत, शंकरलाल मीणा, जमनालाल लौहार, राकेश जोशी, जयश्री दलवानी, हेमलता सिंयाल, लक्ष्मी मीणा, राकेश गहलोत, जिग्नेश शर्मा, नरेश पालीवाल, राजकुमारी पालीवाल, शंकरलाल पटेल, प्रेमचन्द पटेल, उमेश श्रीमाली, रजत औदिच्य, जमनाशंकर पाराशर, आशीर्वाद जैन, शैल गुप्ता, कविता व्यास, गिरीराजसिंह भाटी, यशवन्तसिंह विजयवर्गीय, अनिता विजयवर्गीय, अनुराधा गौड तथा प्रेमलता माली को सम्मानित किया गया।
डाॅ. प्रदीप कुमावत ने महर्षि चरक की जीवनी से सभी अवगत कराते हुए कहा कि महर्षि चरक के कारण ही आयुर्वेद आज फलफूल रहा है। उन्होंने कहा कि देश का काफी बड़ा शहर का प्राकृतिक चिकित्सालय कर दुर्दशा को देखते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि इस चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर चलाया जाय। प्रारम्भ में मनमोहन भटनागर ने ईश वंदना प्रस्तुत की। अंत में सचिव संजय भटनागर ने आभार ज्ञापित किया।