"भारत में 44 प्रतिशत शिशुओं का जन्म के समय वजन सामान्य से कम"
भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रसिद्ध बालरोग विशेषज्ञ डा. आर के अग्रवाल ने मकर संक्रान्ति पर दिव्य मदर मिल्क बैंक के चीफ आपरेटिंग आफिसर के रूप में पद ग्रहण किया।
भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रसिद्ध बालरोग विशेषज्ञ डा. आर के अग्रवाल ने मकर संक्रान्ति पर दिव्य मदर मिल्क बैंक के चीफ आपरेटिंग आफिसर के रूप में पद ग्रहण किया। इस अवसर पर डा. अग्रवाल ने कहा कि भारत में कुल 44 प्रतिशत शिशु अन्डर वेट ही जन्म लेते है व बहुत ही कम वजन वाले बच्चे जो की NICU में भर्ती होते है के लिए मदर मिल्क बैंक अत्यन्त आवश्यक होता है माँ का दूध ऐसी जीवन दायनी औषधी है जिसको की अभी तक किसी प्रयोगशाला में नहीं बनाया जा सका है। डा. अग्रवाल ने कहा कि असमय मरने वाले 100 शिशुओं में से 16 शिशुओं को मदर मिल्क से बचाया जाना सम्भव है जिसमें यह मदर मिल्क बैंक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। मदर मिल्क बैंक का परिचालन अन्तर्राष्ट्रीय नियमानुसार किया जायेगा। उल्लेखनिय है कि माँ भगवती विकास संस्थान द्वारा राज्य के प्रथम मदर मिल्क बैंक की स्थापना RNT मेडिकल कालेज के पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय परिसर मे की जा रही है जिसके चीफ आपरेटिंग आफिसर के रूप में डा. आर के अग्रवाल अपनी सेवाएँ नि:शुल्क प्रदान करेंगे।