मेगा आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर में 48 ऑपरेशन, 1361 ने लिया परामर्श
नगर निगम एवं आयुर्वेद विभाग के साझे में शिवाजी नगर में चल रहे 8 दिवसीय मेगा आयुर्वेद शल्य चिकित्सा एवं परामर्श शिविर में 48 अर्श, भगन्दर रोगियों की क्षार सूत्र विधि से शल्य क्रिया की गई। शिविर के दौरान कुल 1361 जनों ने नि:शुल्क उपचार दवाएं एवं परामर्श प्राप्त किया।
नगर निगम एवं आयुर्वेद विभाग के साझे में शिवाजी नगर में चल रहे 8 दिवसीय मेगा आयुर्वेद शल्य चिकित्सा एवं परामर्श शिविर में 48 अर्श, भगन्दर रोगियों की क्षार सूत्र विधि से शल्य क्रिया की गई। शिविर के दौरान कुल 1361 जनों ने नि:शुल्क उपचार दवाएं एवं परामर्श प्राप्त किया।
शिविर प्रभारी डॉ.शोभालाल औदीच्य ने बताया कि सातों दिन भर्ती रोगियों को दवाओं के साथ की भोजन की व्यवस्था नि:शुल्क तौर पर नगर निगम द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है।
संधिवात के बचाव के लिए बदलें दिनचर्या :-
संविधात (आर्थोराइटिस) इस शिविर में सर्वाधिक रोगी पहुंचे। इसमे भी सबसे ज्यादा महिला रोगी शामिल है। यह रोग अब 30 वर्ष की उम्र से ही प्रभाव दिखाने लगा है जो एक चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि अनियमित दिनचर्या एवं आधुनिकता को बढावा, जंक फूड, फास्ट फूड का अधिक प्रयोग एवं ज्यादातर कार्य खडे रहकर करने के कारण यह रोग तेजी से उभरता है। साथ ही अनियंत्रित मोटापा भी इसका बहुत बडा कारण है।
घातक है अर्श रोग को छिपाना :- उन्होंने बताया कि अर्श भगन्दर भी युवाओं को तेजी से गिरफ्त में लेता जा रहा है जिसका मसालेदार खाना अत्यधिक चाय का सेवन और निरंतर बैठे रहना, वेगों को रोकना आदि अहम कारण है। लोग प्राय: संकोचवश रोग को छिपाते हैं। परिणामत: यह रोग गंभीर रूप ले लेता है व रोगी को पीडा के साथ ही रक्त अल्पता का शिकार बना देता है। आमजन को फाइबर युक्त आहार, हरी सब्जियों व सलाद का अधिक प्रयोग करना चाहिए। वहीं शौचालय में अधिक देर लगाना, मल निष्कासन में जोर लगाना आदि से बचना चाहिए। लम्बी बैठक करने वाले थोडी-थोडी देर में टहलकर आना चाहिए व शुद्घ पेयजल का निरंतर उपयोग करना चाहिए।
शनिवार को फिजियोथेरेपी शिविर : मेगा आयुर्वेद शिविर स्थल पर आगामी शनिवार को प्रात: 9 से दोपहर दो बजे तक फिजियोथेरेपी शिविर आयोजित होगा जिसमें कल्पेश पूर्बिया की सेवाएं उपलब्ध रहेगी।
