हरियाणा में 5 कंपनियां यहां लगाने जा रही नए प्लांट, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

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हरियाणा में 5 कंपनियां यहां लगाने जा रही नए प्लांट, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार 

Udaipur Times, Haryana News, IMT Sohna News : हरियाणा के गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे IMT सोहना में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिल रही है। यहां पांच कंपनियों ने नए उद्योग स्थापित करने के लिए निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इनमें एक इलेक्ट्रॉनिक्स, दो कपड़ा उद्योग और दो अन्य कंपनियां शामिल बताई गई हैं। कंपनियों की ओर से निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उत्पादन शुरू होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, IMT सोहना में औद्योगिक भूखंडों का बड़ा हिस्सा पहले ही कंपनियों को आवंटित किया जा चुका है।

5 कंपनियों ने शुरू किया नए उद्योग लगाने का काम

हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) की ओर से सोहना में करीब 1600 एकड़ क्षेत्र में IMT विकसित की जा रही है। इस औद्योगिक क्षेत्र में करीब 500 एकड़ जमीन पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) विकसित करने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक, इस क्लस्टर के करीब 95 प्रतिशत भूखंड कंपनियों को आवंटित किए जा चुके हैं।

अब आवंटित भूखंडों पर कंपनियों की ओर से औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पांच कंपनियों ने नए उद्योग लगाने के लिए मौके पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इनमें मैसर्स ट्रॉनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स मल्होत्रा केबल्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा तीन अन्य कंपनियां शामिल हैं। बताया गया है कि इन कंपनियों ने उद्योग स्थापित करने के लिए करोड़ों रुपये का निवेश किया है।

लिथियम-आयन बैटरी निर्माण के लिए बड़ा प्लांट की हुई शुरुआत

IMT सोहना में कुछ कंपनियां अभी निर्माण की तैयारी में हैं, जबकि एक कंपनी उत्पादन शुरू कर चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, आईजीएल कंपनी भूमि पूजन के बाद अब अपनी औद्योगिक इकाई के निर्माण की तैयारी कर रही है। वहीं, जापान की टीडीके कॉर्पोरेशन से जुड़ी कंपनी एएलटी बैटरी ने यहां लिथियम-आयन बैटरी निर्माण के लिए बड़ा प्लांट स्थापित किया है और इसमें उत्पादन भी शुरू हो चुका है।

लिथियम-आयन बैटरी जैसे क्षेत्र में निवेश को IMT सोहना में इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में अन्य कंपनियों के उत्पादन शुरू करने के साथ इस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।

1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश की है योजना

औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के बाद कई कंपनियों ने यहां नए उद्योग स्थापित करने के लिए निवेश शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन कंपनियों की ओर से कुल मिलाकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रक्रिया बताई गई है। कई भूखंडों पर निर्माण कार्य चल रहा है और कुछ कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयों के निर्माण की तैयारी में हैं। बताया गया है कि कुछ कंपनियों ने करीब 450 से लेकर 1000 गज तक के भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू किया है। उद्योगों के संचालन में आने के बाद उत्पादन, तकनीकी काम, मशीनरी संचालन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

हजारों युवाओं को मिल सकता है रोजगार

IMT सोहना में नई कंपनियों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, केबल, मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े सपोर्ट सेक्टर में अलग-अलग स्तर के रोजगार पैदा हो सकते हैं। उद्योगों में सीधे रोजगार के अलावा सप्लाई चेन, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा, रखरखाव, पैकेजिंग और दूसरी सहायक सेवाओं में भी काम के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि, कंपनियों की वास्तविक रोजगार क्षमता उनके उत्पादन स्तर और विस्तार योजनाओं पर निर्भर करेगी।

300 करोड़ रुपये से विकसित हो रही बुनियादी सुविधाएं

HSIIDC की ओर से IMT सोहना में बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बिजली, पानी, सीवरेज और सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार होने से औद्योगिक इकाइयों को काम शुरू करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यहां आने वाली कंपनियों के लिए सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

KMP एक्सप्रेसवे के पास होने से कनेक्टिविटी का फायदा

IMT सोहना की एक बड़ी खासियत इसका कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित होना है। इस वजह से यहां आने-जाने और माल की आवाजाही के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है। औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद को अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाने में सड़क संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी के कारण भी कंपनियों को कर्मचारियों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े काम में सुविधा मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि IMT सोहना में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्तर भारत का बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने की तैयारी

IMT सोहना में 500 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स और इससे जुड़े उद्योगों को एक ही औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नए निवेश और कंपनियों के उत्पादन शुरू करने के साथ इस क्षेत्र को भविष्य में उत्तर भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में विकसित करने की दिशा में काम किए जाने की उम्मीद है। 

HSIIDC के संपदा अधिकारी सुनील पालीवाल के मुताबिक, IMT सोहना में पांच नई कंपनियों ने उद्योग स्थापित करने के लिए निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कपड़ा उद्योग तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यहां करीब 95 प्रतिशत भूखंड आवंटित हो चुके हैं और एक कंपनी ने अपना उत्पादन भी शुरू कर दिया है। कुछ अन्य कंपनियां भी उद्योग स्थापित करने के लिए निर्माण की तैयारी कर रही हैं।

गुरुग्राम में बढ़ सकती हैं औद्योगिक गतिविधियां

IMT सोहना में नए उद्योगों की स्थापना से गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नई कंपनियों के उत्पादन में आने के साथ रोजगार के अलावा स्थानीय कारोबार, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक सेवाओं की मांग भी बढ़ सकती है। फिलहाल कई कंपनियां निर्माण के चरण में हैं। आने वाले समय में इनके प्लांट तैयार होने और उत्पादन शुरू होने के बाद IMT सोहना में रोजगार और निवेश का वास्तविक असर और स्पष्ट हो सकता है।

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