देश के 5 एक्सप्रेसवे जिन पर फ्लाइट से भी तेज होगा सफर ! घंटों का सफर मिनटों में होगा पूरा
Udaipur Times, Fastest Expressways : देश में सड़क नेटवर्क को आधुनिक और तेज बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में कई विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे बनाए गए हैं। इन हाई-स्पीड कॉरिडोर ने लंबी दूरी की यात्रा को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज, सुरक्षित और आरामदायक बना दिया है। जिन शहरों के बीच सफर में पहले पूरा दिन लग जाता था, अब वही दूरी कुछ घंटों में तय की जा सकती है। आइए जानते हैं देश के ऐसे 5 प्रमुख एक्सप्रेसवे, जिन्होंने यात्रा का समय सबसे ज्यादा कम किया है।
1. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway)
उत्तर प्रदेश का 341 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ता है। इसके बनने से पहले दिल्ली से गाजीपुर तक सड़क यात्रा में करीब 14 से 16 घंटे लगते थे, जबकि अब यह सफर 10 से 11 घंटे में पूरा हो जाता है। फिलहाल यह 6-लेन एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। इसकी खासियत 3.41 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी है।
2. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway)
302 किलोमीटर लंबा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर और हरदोई होते हुए लखनऊ तक जाता है। इसके जरिए आगरा से लखनऊ का सफर करीब 3.5 घंटे में पूरा हो जाता है। इस एक्सप्रेसवे पर एयरफोर्स के लिए एयरस्ट्रिप बनाई गई है और पूरी सड़क पर सोलर पावर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
3. यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway)
165.5 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे दिल्ली और आगरा के बीच सबसे तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराता है। इसके शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 2.5 घंटे रह गया है। यह 6-लेन एक्सप्रेसवे है, जिसे जरूरत पड़ने पर 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
4. मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे (समृद्धि महामार्ग) Mumbai-Nagpur Expressway (Samruddhi Mahamarg)
करीब 701 किलोमीटर लंबा मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के दो बड़े शहरों को जोड़ता है। पहले इस दूरी को तय करने में 16 से 18 घंटे लगते थे, लेकिन अब यह सफर करीब 8 घंटे में पूरा हो जाता है। इससे न सिर्फ समय और ईंधन की बचत हो रही है, बल्कि राज्य के कई जिलों में उद्योग, कृषि और पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।
5. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway)
296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट को इटावा से जोड़ता है। इसके बनने से पहले चित्रकूट से इटावा तक पहुंचने में 6 से 7 घंटे लगते थे, जबकि अब यह सफर करीब 3.5 से 4 घंटे में पूरा हो जाता है। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र की दिल्ली, लखनऊ और अन्य बड़े शहरों से कनेक्टिविटी काफी बेहतर हुई है।
यात्रा हुई आसान, समय की बड़ी बचत
इन एक्सप्रेसवे के निर्माण से देश में सड़क परिवहन को नई रफ्तार मिली है। सफर का समय कम होने के साथ-साथ ईंधन की बचत, बेहतर सड़क सुरक्षा, व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिला है। आने वाले वर्षों में नए एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद देश की सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।
