हरियाणा में 5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, जाने सरकार का मेगा प्लान ?
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा सरकार ने निवेश संबंधी बड़े वादों को अपनी प्रतिबद्धता के केवल एक सप्ताह के भीतर जमीनी स्तर पर वास्तविक कार्यान्वयन में बदलकर प्रशासनिक दक्षता, क्रियान्वयन की तत्परता और तेज आर्थिक शासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यह उल्लेखनीय प्रगति 1 जून को गुरुग्राम में आयोजित मेगा औद्योगिक नीति एवं नौ क्षेत्रीय नीतियों के शुभारंभ कार्यक्रम के बाद सामने आई, जहां राज्य ने 1.10 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इन रणनीतिक समझौतों को ठोस परिणामों में परिवर्तित करने की दिशा में सशक्त कार्यकारी समिति (ईईसी) की बैठक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं एचएसआईआईडीसी के सह-अध्यक्ष श्री अरुण कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में पंचकूला में हुई। इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने भी कई पहलूओं पर अपने विचार रखे।
राज्य की “स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस” नीति के अनुरूप ईईसी ने सोहना और बावल स्थित औद्योगिक मॉडल टाउनशिप तथा बरही और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में सात प्रमुख कॉर्पोरेट इकाइयों को भूमि के तत्काल आवंटन को मंजूरी प्रदान की। इन त्वरित आवंटनों के अंतर्गत 36 एकड़ से अधिक भूमि पर कुल प्रस्तावित निवेश क्षमता 1,315.70 करोड़ रुपये है। इससे 5 हजार से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे हरियाणा भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगा।
स्वीकृत आवंटनों में एफडीआई, मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर तथा उच्च-विकास सामान्य श्रेणी की इकाइयों का संतुलित मिश्रण शामिल है। एम/एस ट्रोनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को आईएमटी सोहना में मेगा प्रोजेक्ट श्रेणी के अंतर्गत 12.98 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिसमें 790 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
एम/एस ओरिएंट फैशन एक्सपोर्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को आईएमटी सोहना में 3 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिसमें 51.50 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
आईएमटी बावल में दो महत्वपूर्ण एफडीआई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें एम/एस बोलहॉफ फास्टनिंग प्राइवेट लिमिटेड को लगभग 7 एकड़ भूमि पर 116.06 करोड़ रुपये तथा एम/एस मैककोर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को लगभग 1.5 एकड़ भूमि पर 45.47 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंजूरी दी गई है।
इसी प्रकार, आईई बरही एवं आईई धारूहेड़ा में एम/एस पारस पॉलिमर्स (170 करोड़ रुपये), एम/एस रिचाको एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (92.97 करोड़ रुपये) तथा श्री राजेश शर्मा की एक उन्नत इकाई (49.70 करोड़ रुपये) को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
ईईसी द्वारा लिए गए निर्णयों बारे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं एचएसआईआईडीसी के सह-अध्यक्ष श्री अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि “यह राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में आए स्पष्ट परिवर्तन का प्रमाण है। पूंजी उन बाजारों की ओर आकर्षित होती है जहां नियामकीय गति और संस्थागत निश्चितता सुनिश्चित हो। प्रतिस्पर्धी भूमि आवंटन को पारदर्शी एवं स्वचालित औद्योगिक प्रक्रियाओं के साथ जोड़कर हरियाणा यह सिद्ध कर रहा है कि व्यापार करने की गति और सुगमता केवल नीतिगत घोषणा नहीं, बल्कि एक सक्रिय परिचालन मानक है।”
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक निवेश कार्यक्रम के कुछ ही दिनों के भीतर भूमि संसाधनों का यह त्वरित उपयोग औद्योगिक प्रशासन के क्षेत्र में पूरे भारत के लिए एक नया मानदंड स्थापित करता है। यह हरियाणा सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता तथा एचएसआईआईडीसी की उस दूरदर्शी सोच को भी प्रतिबिंबित करता है, जिसके माध्यम से विश्वस्तरीय आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किए जा रहे हैं, जहां वैश्विक उद्यम अत्यधिक दक्षता के साथ अपनी योजनाओं को मूर्त रूप दे सकें, परियोजनाओं का शुभारंभ कर सकें और अपने संचालन का विस्तार कर सकें।
