हिन्दुस्तान जिंक की 53वीं वार्षिक आम सभा सम्पन्न


हिन्दुस्तान जिंक की 53वीं वार्षिक आम सभा सम्पन्न

विश्व की अग्रणी एवं भारत की एकीकृत जस्ता-सीसा एवं चाँदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय के सभागार में कंपनी की 53वीं वार्षिक आम बैठक बुधवार को सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए वार्षिक आम बैठक की चेयरमैन श्रीमती किरण अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में कम्पनी का रिकाॅर्ड निष्पादन रहा है। वर्ष के दौरान भूमिगत खदानों के रिकाॅर्ड निष्पादन से चैतरफा सुधार के साथ रिकाॅर्ड उत्पादन रहा है, जिससे खनित धातु का उत्पादन 936,000 टन हुआ जो 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

 
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हिन्दुस्तान जिंक की 53वीं वार्षिक आम सभा सम्पन्न

उदयपुर 31 जुलाई, 2019 विश्व की अग्रणी एवं भारत की एकीकृत जस्ता-सीसा एवं चाँदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय के सभागार में कंपनी की 53वीं वार्षिक आम बैठक बुधवार को सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए वार्षिक आम बैठक की चेयरमैन श्रीमती किरण अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में कम्पनी का रिकाॅर्ड निष्पादन रहा है। वर्ष के दौरान भूमिगत खदानों के रिकाॅर्ड निष्पादन से चैतरफा सुधार के साथ रिकाॅर्ड उत्पादन रहा है, जिससे खनित धातु का उत्पादन 936,000 टन हुआ जो 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

वार्षिक आम बैठक एवं हिन्दुस्तान जिंक की चेयरमैन श्रीमती किरण अग्रवाल ने शेयरधारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी का रिपोर्टाधीन वर्ष 2018-19 में एक मजबूत प्रदर्शन निष्पादित रहा है। कंपनी अब भूमिगत खनन से 100 प्रतिशत उत्पादन कर ही हैं तथा कंपनी की 1.2 मिलियन टन प्रति वर्ष खनन परियोजनाएं लगभग पूर्ण हैं, जिससे इस वर्ष या आने वाले वर्ष में उच्च उत्पादन वृद्धि सुनिश्चित होगी। कंपनी ने 1.35 मिलियन टन तक विकास के अगले चरण के लिए विस्तृत कार्य शुरू कर दिया है।

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डिजिटलाईजेशन कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और उत्पादकता बढ़ाने, सुरक्षा में सुधार एवं लागत में कमी करने के लिए इसकी क्षमता का फायदा उठाने के प्रयास जारी हैं। विश्व स्तरीय कंपनियों के बीच पर्यावरण में डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा हिन्दुस्तान जिंक को विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ मान्यता प्रदान की गई है। श्रीमती किरण अग्रवाल ने कहा कि मुझे कंपनी द्वारा सामुदायिक विकास के प्रति समर्पित भावना से किये गये प्रयासों पर बहुत गर्व है जिससे कंपनी के परिचालन इकाइयों के आस-पास के क्षेत्रों में तीन में से दो घरों को प्रभावित किया है और कंपनी उन लोगों तक पहुंचने के अपने प्रयासों को बढ़ा रही हैं जिन्हें अपने जीवन को बेहतर बनाने और अपने सपनों को साकार करने के लिए मदद की जरूरत है।

श्री सुनील दुग्गल ने शेयरधारकों को सबोधित करते हुए कहा कि वर्ष के दौरान अयस्क में सीसा धातु की उच्च उपलब्धता, पायरो-मैटलर्जीकल स्मेल्टर की रेट्रोफिटिंग तथा बेहतर सिल्वर ग्रेड से सीसा धातु एवं चांदी धातु का क्रमशः 198,000 टन एवं 679,000 टन उत्पादन हुआ जो अब तक का सर्वाधिक है। वर्ष के दौरान जस्ता धातु का उत्पादन 696,000 टन हुआ है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019 में 79 प्रतिशत बाजार नियंत्रण के साथ हिन्दुस्तान जिंक भारत की सबसे बड़ी जस्ता उत्पादक कंपनी है। हिन्दुस्तान जिंक विश्व की अग्रणी चांदी उत्पादकों में से एक है तथा 2018 में वैश्विक चांदी उत्पादकों में कंपनी को 9वीं रैंक मिली है। कंपनी का हर वर्ष रैंकिंग में सुधार, रिकाॅर्ड खदान उत्पादन, चांदी के प्रचुर डिपोजिट्स तथा संवर्धित रिकवरिज़ पर ध्यान केन्द्रित रहेगा जिससे आगामी 2-3 वर्षों में विश्व की सर्वोच्च 3 चांदी उत्पादकों में शामिल हो होगी।

चालू वर्ष के दौरान 1.2 मिलियन टन खनित धातु क्षमता को हासिल करने के लिए की गई डिजाइन के अनुसार परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर हैं। मुझे यह बताते हुए अति प्रसन्नता है कि वर्ष के दौरान कंपनी की भूमिगत खदानों में सर्वाधिक वृद्धि हुई है। रामपुरा-आगुचा खदान में 60 प्रतिशत अधिक उत्पादन हुआ है, सिंदेसर खुर्द और राजपुरा-दरीबा खदानों में 20 प्रतिशत अधिक जबकि जा़वर की खदानों में 30 प्रतिशत से अधिक उत्पादन हुआ है। कंपनी ने सिंदेसर खुर्द और ज़ावर में नई मिलों सहित कई नई परियोजनाएं, सिंदेसर ख़ुर्द और रामपुरा आगुचा में पेस्ट फिल प्लांट्स तथा सिन्देसर खुर्द खदान में शाफ्ट को चालू किया है। रामपुरा आगुचा में एक आधुनिक मध्य-शाफ्ट लोडिंग से सामग्री का परिवहन शुरू हो गया है तथा अगले 3-4 महीनों में शाफ्ट प्रचालन पूर्णरूप से चालू हो जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी की खदानें अब हमेशा के लिए वेंटिलेशन समस्याओं से लगभग मुक्त हो गई है, क्योंकि नए वेंटिलेशन सिस्टम चालू किए जा चुके है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने उत्कृष्ट उत्पादकता के लिए खदानों में उच्च क्षमता वाले उपकरण स्थापित किये है।

कंपनी का 10,747 करोड़ रुपये ईबीआईटीडीए के साथ मजबूत वित्तीय निष्पादन रहा है तथा शेयरधारियों को 20 रुपये प्रति शेयर लाभांश के रूप में 10,188 करोड़ रुपये का भुगतान किया है जो वर्ष के दौरान औसत शेयर मूल्य के आधार पर 7 प्रतिशत के बराबर लाभांश है। कंपनी ने राॅयल्टी, करों और लाभांश के माध्यम से सरकारी खजाने में 11,563 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।

श्री सुनील दुग्गल ने शेयरधारियों कोे बताया कि कंपनी एक जिम्मेदार नेचुरल रिसोर्स के रूप में, ज़ीरो हार्म, ज़ीरो वेस्टेज और ज़ीरो डिस्चार्ज के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। ग्लोबल मेटल एण्ड माइनिंग पीयर्स में डाॅव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स 2018 द्वारा हिन्दुस्तान जिंक को समग्र सस्टेनेबिलिटी में 5वीं तथा पर्यावरण श्रेणी में पहली रैंक दी गई है। तकनीकी विकास से अपशिष्ट जल के उपयोग में बढ़ोतरी, कार्बन और लैंड फुटप्रिंट में निरंतर कमी और अपशिष्ट उत्पादन को कम करने की दिशा में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

कंपनी ने सौर ऊर्जा क्षमता गत वर्ष में 16 मेगावाट से उत्पादन बढ़ाकर 39 मेगावाट की है कंपनी ने रामपुरा-आगुचा में डंप कचरे से 22 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन संयंत्र चालू किया है। कुल मिलाकर, कंपनी ने सौर ऊर्जा के लिए 190 एकड़ बंजर भूमि का उपयोग किया है। कंपनी ने चालू वर्ष में सौर ऊर्जा फुटप्रिंट को 35 मेगावाट और बढ़ाने की योजना है। हिन्दुस्तान जिं़क ने उदयपुर में 25 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया है तथा नगर पालिका सीवेज के उपचार के लिए एसटीपी क्षमता को 45 एमएलडी तक ले जाना है जिससे उदयपुर शहर के आधे से अधिक सीवेज का ट्रीटमेंट हो सकेगा। एक और 15 एमएलडी एसटीपी पर कार्य चला रहा है।

कंपनी वेस्टेज भार को कम करने के लिए स्मेल्टर से वेस्टेज का नवीन रूप से उपयोग कर रही है। वित्तीय वर्ष 2019 में, सीमेंट विनिर्माण और सड़क निर्माण में 300,000 मीट्रिक टन से अधिक स्लैग का उपयोग किया गया, 13,000 मीट्रिक टन जैरोसाइट का सीमेंट उद्योग में उपयोग किया गया जबकि 70,000 मीट्रिक टन से अधिक जैरोसाइट और जैरोफिक्स का उपयोग सड़क निर्माण परियोजना में किया गया है।

वार्षिक आम बैठक की चेयरमैन शेयरधारियों को अवगत कराया कि निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत समुदायों का विकास कंपनी की सफल यात्रा का एक अभिन्न अंग है। कंपनी अपनी इकाइयों के आस-पास 189 गांवों में सराहनीय कार्य कर रही है और उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान केन्द्रित कर रही है जो राष्ट्र हित के लिए महत्वपूर्ण हैं जैसे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं जल, कृषि, खेल और सामुदायिक विकास, सीमांत समावेश के साथ जमीनी स्तर पर विकास हेतु सुनिश्चित है। सीएसआर गतिविधियों के तहत कंपनी का निवेश 42 प्रतिशत बढ़कर 130 करोड़ रुपये हो गया है जिससे लगभग 500,000 लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

सभा में वार्षिक आम बैठक एवं हिन्दुस्तान जिंक की चेयरमैन श्रीमती किरण अग्रवाल, हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री सुनील दुग्गल के अतिरिक्त, मुख्य वित्तीय अधिकारी स्वयं सौरभ, कंपनी के निदेशक मण्डल में निदेशक ए.आर. नारायणस्वामी, अरूण टोडरवाल, महामहिम राष्ट्रपति के प्रतिनिधि बी.डी. सप्कले तथा कंपनी सचिव राजेन्द्र पण्डवाल उपस्थित थे।

चेयरमैन ने हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की ओर से समस्त शेयरधारियों, ग्राहकों, आपूर्तिकारों, कर्मचारियों, सरकारों, मान्यता प्राप्त यूनियन तथा हमारी प्रचालन इकाइयों के आस-पास रह रहे समुदायों द्वारा मिल रहे सत्त सहयोग सहकार एवं विश्वास के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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